पिथौरागढ़ के दुर्गम जुम्मा गांव में दर्दनाक हादसा, रातभर टॉर्च की रोशनी में शव लेकर चलते रहे ग्रामीण
समाचार सच, पिथौरागढ़। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले से एक बेहद मार्मिक हादसा सामने आया है। सीमांत तहसील धारचूला के सुदूरवर्ती जुम्मा गांव के कोथिला तोक में बकरियां चराने गए एक ग्रामीण की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। संचार व्यवस्था ठप होने और दुर्गम रास्तों के कारण ग्रामीण पूरी रात टॉर्च की रोशनी में शव को कंधों पर ढोकर मुख्य मार्ग तक लाने को मजबूर रहे।
जानकारी के अनुसार, दीवान सिंह (55) पुत्र रणजीत सिंह, निवासी कोथिला तोक, रविवार को रोज की तरह जंगल में बकरियां चराने गए थे। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने लगी। इसी दौरान बिजली सीधे दीवान सिंह पर आ गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने जंगल में तलाश शुरू की, जहां उनका शव मिला। क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था ठप होने के कारण प्रशासन को तत्काल सूचना नहीं दी जा सकी।
ग्रामीणों ने पूरी रात टॉर्च की रोशनी के सहारे दुर्गम पहाड़ी रास्तों से शव को मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। सोमवार को धारचूला में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरतलब है कि दो माह पहले भी धारचूला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक भेड़ पालक की मौत हो चुकी है। वहीं बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना में एक चरवाहा जान गंवा चुका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और आकाशीय बिजली के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



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