भू-स्खलन से सुरक्षा की ओर बड़ा कदम, बलियानाला में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग

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समाचार सच, नैनीताल डेस्क। नैनीताल के बलियानाला क्षेत्र को स्थायी समाधान देने के लिए उत्तराखंड शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने शुक्रवार को स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न सेक्शन में चल रहे कार्यों की समीक्षा की और तकनीकी प्रगति पर संतोष जताया।

प्रारंभिक चरण में स्वीकृत रू. 177.91 करोड़ की योजना को भूगर्भीय जटिलताओं के कारण पुनरीक्षित किया गया। आईआईटी रुड़की और परियोजना प्रबंधन टीम के सुझावों को शामिल करते हुए रू. 298.93 करोड़ की संशोधित योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना में नवीनतम तकनीकों Micropile, Grouting, Shotcrete आदि का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्थल को सुदृढ़ बनाया जा सके।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने एमएस 1880, एमएस 1866 और ईआई 1852 बेंच पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए रेलिंग, सीढ़ियां और सुरक्षित पैदल मार्ग की व्यवस्था की जाए। साथ ही जलधाराओं को पाइपिंग के जरिए मुख्य नाले तक पहुंचाने का आदेश दिया ताकि कटाव और भू-स्खलन रोका जा सके।

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निरीक्षण में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, मुख्य अभियंता संजय शुक्ल, अधीक्षण अभियंता महेश खरे, समेत अन्य अधिकारी व निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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