समाचार सच ब्यूरो, हल्द्वानी/देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाते हुए शुक्रवार को देर सायं पूरे उत्तराखण्ड में नहीं, मात्र 4 जिलों में शनिवार व रविवार को लॉकडाउन लगाने का फैसला दिया है। राज्य के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल तथा उधमसिंह नगर के जिले में दो दिवसीय लॉक डाउन रहेगा। लॉक डाउन के दौरान इन जिलों में आवश्यक सेवाओं के साथ ही उद्योग व निर्माण कार्य संचालित हो सकेंगे, जबकि सरकारी, गैर सरकारी दफ्तर, बाजार, रेस्टोरेंट, बस, विक्रम व अन्य प्राइवेट सेवाएं बंद रहेंगी। शुक्रवार देर शाम को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने यह आदेश किया।
गौरतबल है कि शुक्रवार सुबह एक टीवी चैनल में बयान दिया था कि कोरोना के बढ़ते मामलों तथा राज्य के व्यापारियों की मांग को देखते हुए पूरे उत्तराखण्ड में शनिवार व रविवार को लॉक डाउन लगाने की जरूरत है। जिस पर देर शाम को एडवाइजरी जारी होने की बात भी कही थी। लेकिन देर शाम जब उक्त लॉक डाउन की एडवाइजरी जारी हुई तो उसमें राज्य के मात्र 4 जिले देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंह नगर नाम शामिल थे। प्रदेश के सीएम के इस बयान को लेकर दिन भर लोग परेशान थे। कैसा हो लॉक डाउन और क्या होगी छूट।
जारी आदेश में क्या बंद रहेगा किसमें रहेगी छूट
जारी आदेश में सभी सरकारी, अर्ध सरकारी व प्राइवेट दफ्तर, बाजार, मॉल, सरकारी व प्राइवेट बसें, विक्रम, थ्रीव्हीलर सेवाएं पूर्णता बंद रहेगी। जबकि सरकार ने कैमिस्ट, दूध, सब्जी, राशन व बेकरी की दुकानें, पेट्रोल पंप, आवश्यक सेवाओं के वाहन, औद्योगिक इकाइयों, कृषि कार्य, होटल, शराब की दुकानें, रेस्टोरेंट से होम डिलीवरी, अन्य प्रांतों से बस, ट्रेन व फ्लाइट से आने लोगों के वाहन को छूट दी गयी है। साथ ही चारों जिलों में सरकार ने उद्योगों को राहत दी है। ये लॉकडाउन अवधि में खुले रहे सकेंगे। इनमें कार्य करने वाले लोग अपने वाहनों से अपने-अपने उद्योगों को आवाजाही कर सकेंगे। लेकिन इन्हें अपना परिचय पत्र दिखाना होगा। आदेश में लॉकडाउन अवधि में सरकारी और प्राइवेट निर्माण कार्यों को भी छूट दी गयी है। मजदूर भी अपने निर्माण स्थलों को जा सकेंगे।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने आदेश जारी करते हुए कहा कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश में उन्होंने बताया कि बाहर से आने वालों के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। उन्हें स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। यदि आवेदन को मंजूरी नहीं मिलती तो फिर भी वे आ सकेंगे। उनके आवेदन को संबंधित जिलों की सीमाओं पर चेक किया जाएगा। ऐसे व्यक्ति जो कोरोना पॉजिटव हैं पर लक्षण नहीं हैं और उन्होंने कोरोना टेस्ट तो कराया है लेकिन यह टेस्ट यात्रा से 72 घंटें पहले का नहीं है तो तभी भी वे राज्य में आ सकेंगे। इन्हें क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा। यह फैसला अग्रिम आदेश तक प्रभावी रहेगा। उत्तराखंड में बाहर से अधिकतम ऐसे 1500 व्यक्ति ही प्रतिदिन आ सकेंगे, जिन्होंने कोरोना का टेस्ट नहीं कराया। ये फ्लाइट व ट्रेन से आने वालों से अलग होंगे। विशेष परिस्तिथियों में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को 50 व्यक्तियों को परमिट जारी करने की अनुमति होगी। बाहर आने वाले व्यक्तियों का अचानक कोरोना टेस्ट भी किया जा सकता है। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर जिला प्रशासन इन्हें भर्ती कराएगा।
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