समाचार सच, देहरादून। पूर्व राज्य मंत्री व चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय संयोजक मनीष कुमार ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग करी की राज्य आंदोलनकारियों का जो चिह्नीकरण हो रहा है वह पूर्व के मानकों के अनुरूप ही किया जाए। पूर्व में समाचार पत्रों की कतरनों को भी चिह्नीकरण का एक मानक बनाया गया था परंतु आज उस मानक के अनुसार चिह्नीकरण नहीं हो रहा है। जिससे राज्य आंदोलनकारियों में रोष व्याप्त हो गया है क्योंकि सैकड़ों ऐसे आंदोलनकारी हैं जिनका पूर्व में चिह्नीकरण समाचार पत्रों की कतरनों के आधार पर किया गया है और आज जो छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण समाचार पत्रों की कतरनों पे नहीं हो रहा है जो आंदोलनकारियों के साथ छलावा है।
उन्होंने कहा कि एक ही राज्य में दो-दो मानक बनाय जा रहे हैं और उन पर कार्य हो रहा है श्री कुमार ने कहा कि एक तो राज्य सरकार ने पौने 5 साल में जाकर कुछ चिह्नीकरण का काम शुरू किया परंतु वह भी आधा अधूरा है। इससे जो राज्य आंदोलनकारियों चिह्नीकरण की मांग को करते-करते स्वर्ग सिधार गए और जो कुछ लोग बचे हैं उनके संग यह सरकार धोखा कर रही हैं। संगठन मुख्यमंत्री से मांग करता हैं की तत्काल पूर्व के मानकों को लागू किया जाए ताकि न्याय संगत कार्य हो सके।



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