उत्तराखंड में मानसून का कहर तेज, आठ जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट; 104 सड़कें बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर

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समाचार सच, देहरादून।
उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून अब और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के आठ जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताते हुए विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। इसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों तथा निचले इलाकों में भारी बारिश के चलते अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में लगातार बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल 104 सड़कें बंद हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, दो बीआरओ सड़कें, एक एमडीआर, 17 लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़कें तथा 84 ग्रामीण और पीएमजीएसवाई मार्ग शामिल हैं। सबसे अधिक सड़कें चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों में बाधित हैं, जिन्हें खोलने के लिए मशीनें और टीमें लगातार काम कर रही हैं।

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प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रबंधन, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, ग्राम विकास और अन्य विभागों के अधिकारी पूरी तरह सक्रिय रहें। यदि किसी क्षेत्र में लोग फंसते हैं तो उनके लिए भोजन, पेयजल और चिकित्सा की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भूस्खलन संभावित स्थानों पर पहले से मशीनें तैनात रखने और जरूरत पड़ने पर पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी दिखाई दिया। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से कुछ समय के लिए यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया, जबकि उत्तरकाशी में यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नदी का जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण आवाजाही एहतियातन रोक दी गई थी। हालांकि बाद में मार्गों को साफ कर यातायात बहाल किया गया।

राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग ने 5 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर तेज वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।

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