निर्जला एकादशी: ना करें ये गलतियां, अशुभ होते हैं परिणाम

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने में एकादशी दो बार आती है. एक कृष्ण पक्ष की और दूसरी शुक्ल पक्ष की। इस तरह साल में कुल 24 एकादशी आती हैं। इनमें ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकदशी सर्वाेत्तम मानी जाती है। ऐसा कहते हैं कि निर्जला एकादशी का व्रत करने वालों को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और उन्हें पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन उपवास करने से जीवन में संपन्नता आती है। निर्जला एकादशी का व्रत इस बार शुक्रवार, 10 जून को रखा जाएगा। आइए जानते हैं कि निर्जला एकादशी के व्रत में कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए।

चावल खाने से बचें- शास्त्रों के मुताबिक, निर्जला एकादशी व्रत पर चावलघ् खाने से परहेज करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जो इंसान एकादशी के दिन चावल का सेवन करता है उसे अगले जन्म में कीड़े का रूप लेकर पैदा होना पड़ता है।

नमक ना खाएं- निर्जला एकादशी के व्रत में भूलकर भी नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। नमक का सेवन अगर बहुत ज्यादा जरूरी है तो दिन में एक बार सेंधा नमक खा सकते हैं। यदि आप व्रत नहीं रख रहे हैं तब भी सात्विक भोजन का ही सेवन करें।

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इन चीजों से भी बचें- निर्जला एकादशी पर चावल, मसूर की दाल, मूली, बैंगन और सेम का सेवन भी नहीं करना चाहिए। अगर आप निर्जला एकादशी का व्रत नहीं रख रहे हैं तब भी आपको इन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

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ये गलतियां भी ना करें- इस दिन व्रत करते समय किसी के प्रति मन में बुरे विचार नहीं रखने चाहिए। इस दिन वाद-विवाद से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। इसके अलावा, बेड या पलंग पर सोने की बजाए जमीन पर ही आराम करें।

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