कर्म की गति को कोई नहीं जानता, कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है: मनोज चन्द्र पाण्डे

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No one knows the speed of Karma, one has to bear the fruits of Karma: Manoj Chandra Pandey

समाचार सच, हल्द्वानी। कर्म की गति को कोई नहीं जानते हैं, कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है उसे कोई टाल नहीं सकता। मां जगदम्बा मन्दिर परिसर में चल रही श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा के पांचवे दिन व्यास पर विराजमान डा. मनोज चन्द्र पाण्डे ने कहा संसार में प्रत्येक जीव की उत्पत्ति कर्म से ही होती है, कर्म के कारण ही भगवान नारायण को अनेकों बार अवतार लेना पड़ा। यह भी बताया कि कर्माे का फल भोगना ही पडता है उसे कोई नहीं टाल सकता है ।

डॉ. मनोज चन्द्र पाण्डे ने कथा के माध्यम से बताया कि राजा प्रहलाद द्वारा तीर्थों के बारे मे पूछने पर च्यवन ऋर्षि द्वारा तीर्थाे का महत्व शास्त्रों मे उल्लेखित श्लोक से बताया कि ‘मनोवाक् काय शुद्वानाम राजन् तीर्थम पदे पदे’। अर्थात जिसकी मन, वाणी और शरीर शुद्व है उसके लिए पद पद में ही तीर्थ हैं। च्यवन ऋर्षि उनसे कहते हैं कि मनुष्य का मन ही सबसे बड़ा तीर्थ है।

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व्यास डा. पाण्डे का कहना था कि हमें सभी तीर्थों की मर्यादा और पवित्रता का पालन करना चाहिए। उत्तराखण्ड के तीर्थाे के परिप्रेक्ष्य में डा. पाण्डे ने कहा कि यहां के तीर्थस्थलों को पर्यटकस्थल के रुप मे विकसित करने से तीर्थाे की मर्यादा और पवित्रता क्षीण हो रही है। उन्होंने उत्तराखण्ड के सभी तेरह जिलों को तीर्थस्थल घोषित किये जाने पर बल दिया जिसका सभी श्रोताओ ने ताली बजाकर समर्थन किया।
कथा में शुक्राचार्य का शिव से मन्त्र प्राप्त करने का वर्णन सुनाया गया। कर्म से प्रारम्भ हुई कथा का समापन कर्म से ही करते हुए ब्यास डा. पाण्डे ने कर्म के आधार पर हुए कृष्ण अवतार की रोचक कथा सुनाई जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गये ।
ब्यास जी के साथ मंच पर कीर्तन मण्डली में जगदीश लोहनी, प्रभाकर जोशी, एवं सूरज थे ।
कथा प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातःकाल की बेला में यज्ञाचार्य पंडित आचार्य खष्टाबल्लभ पाठक ने यज्ञ मंडप में यजमान राकेश पाण्डे से नित्य पूजा कराई। पूजा अर्चना में पण्डित उमेश चन्द्र त्रिपाठी, विनय जोशी, देशदीपक त्रिपाठी, राकेश काण्डपाल एवं शुभम पन्त थे ।
नित्य पूजा के बाद हुए विश्वशान्ति यज्ञ में मुख्य यजमान के साथ रमेश चन्द्र पाण्डे, आशु जोशी, योगेंद्र जोशी, जगदीश तिवारी, मनीष जोशी, पुष्कर सिंह डसीला एवं श्री पन्त ने आहुति अर्पित की।

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इस अवसर पर जगदम्बा मन्दिर समिति के अध्यक्ष उमेश चन्द्र पाण्डेय, सचिव विनोद (अन्ना) पाण्डेय,, सौरभ भट्ट, पंकज बोरा, एन सी तिवारी, अंकित बिष्ट, चन्द्र शेखर जोशी, आर के मिश्रा, नवीन नगरकोटी सहित दर्जनों श्रोता उपस्थित थे।

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