संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली से पाया जा सकता है स्थायी समाधान

लेखिका -डॉ. अंकिता चांदना।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में लगातार कमी के कारण मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुका है। अधिकांश लोग इसे केवल बढ़े हुए वजन के रूप में देखते हैं, जबकि वास्तव में मोटापा कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह हृदय रोग, मधुमेह, जोड़ों की समस्या और हार्मोनल असंतुलन जैसी अनेक परेशानियों को जन्म दे सकता है।
मोटापा क्या है?
जब शरीर में आवश्यकता से अधिक वसा (फैट) जमा हो जाती है और व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 या उससे अधिक हो जाता है, तब उसे मोटापे की श्रेणी में माना जाता है। यह केवल शरीर की बनावट को प्रभावित नहीं करता बल्कि पूरे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है।
मोटापे के सामान्य लक्षण
जल्दी थकान महसूस होना
सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ा चलने पर सांस फूलना
जोड़ों, घुटनों और कमर में दर्द
खर्राटे आना
दैनिक कार्यों में सुस्ती और ऊर्जा की कमी
लगातार वजन बढ़ते जाना
मोटापा क्यों बढ़ रहा है?
आज के समय में फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और अधिक कैलोरी वाले भोजन आसानी से उपलब्ध हैं, जबकि शारीरिक श्रम लगातार कम होता जा रहा है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, व्यायाम न करना और तनाव में जरूरत से ज्यादा खाना मोटापे के प्रमुख कारण हैं।
इसके अलावा कुछ चिकित्सीय कारण भी वजन बढ़ने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे—
हार्मोनल असंतुलन
हाइपोथायरॉइडिज्म
पीसीओडी (PCOD)
गर्भावस्था के बाद बढ़ा हुआ वजन
आनुवंशिक (जेनेटिक) कारण
मोटापे से होने वाली गंभीर बीमारियां
यदि बढ़ते वजन को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह कई गंभीर रोगों का कारण बन सकता है, जैसे—
हृदय रोग और स्ट्रोक
टाइप-2 मधुमेह
उच्च रक्तचाप
ऑस्टियोआर्थराइटिस
कमर दर्द एवं डिस्क संबंधी समस्याएं
कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा
जीवन की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में कमी
वजन नियंत्रित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
✔ भोजन में कैलोरी का संतुलन रखें।
✔ फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
✔ मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।
✔ शराब का सेवन कम करें या पूरी तरह छोड़ दें।
✔ दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
✔ भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर करें।
✔ प्रतिदिन कम से कम 30–45 मिनट वॉक या व्यायाम करें।
✔ 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
घरेलू उपाय सहायक हो सकते हैं
कुछ घरेलू उपाय वजन नियंत्रण में सहायक हो सकते हैं, जैसे सुबह गुनगुने पानी में नींबू और शहद का सेवन, ग्रीन टी या दालचीनी की चाय, लेकिन केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे वजन कम करने की कोशिश करना उचित नहीं है। स्थायी परिणाम के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम सबसे जरूरी हैं।
हर व्यक्ति के लिए अलग होता है वजन कम करने का तरीका
यदि किसी व्यक्ति को घुटनों, कमर, गर्दन या जोड़ों में दर्द की समस्या है तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के कठिन व्यायाम शुरू नहीं करने चाहिए। ऐसे मामलों में फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा बताए गए सुरक्षित व्यायाम अधिक लाभदायक होते हैं। इसी प्रकार डाइट भी व्यक्ति की उम्र, वजन, जीवनशैली और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग होनी चाहिए।
विशेषज्ञ की सलाह क्यों जरूरी है?
कई लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया पर देखकर डाइट और एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं, जिससे कई बार नुकसान भी हो सकता है। सही तरीका यही है कि वजन कम करने या बढ़ाने, दोनों ही स्थितियों में विशेषज्ञ की सलाह लेकर व्यक्तिगत (Personalized) डाइट प्लान और व्यायाम कार्यक्रम अपनाया जाए।
डॉ. अंकिता हेल्थ केयर सेंटर में प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन कर व्यक्तिगत डाइट प्लान, फिजियोथैरेपी आधारित वेट मैनेजमेंट, स्लिमिंग एवं फिटनेस प्रोग्राम तैयार किए जाते हैं। साथ ही जिन लोगों का वजन सामान्य से कम है, उनके लिए भी संतुलित पोषण और उचित व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बढ़ाने का मार्गदर्शन दिया जाता है।
स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए वजन को केवल सौंदर्य से नहीं, बल्कि अपने संपूर्ण स्वास्थ्य से जोड़कर देखें और समय रहते सही कदम उठाएं।
लेखिका
डॉ. अंकिता चांदना
सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट एवं डाइट एक्सपर्ट
20 वर्षों का अनुभव
डॉ. अंकिता हेल्थ केयर सेंटर
(फिजियोथेरेपी, स्लिमिंग एवं फिटनेस)
आदर्श नगर, मुखानी, हल्द्वानी
मो.: 9756465781



सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



