तालाबों, नालों, नदियों के किनारे उगने वाला औषधिक गुणों से भरा है ये पौधा, कई बीमारियों का करेगा रामबाण इलाज

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। हमारे आसपास धरती पर विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे उपलब्ध हैं, जो किसी न किसी प्रकार से हमारे लिए औषधि का काम करते हैं। इन्हीं पौधों में से एक चांगेरी का पौधा है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद गुणकारी होता है। इसमें कई ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाने में कारगर होते हैं।

रायबरेली आयुर्वेदिक चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस आयुर्वेद) के मुताबिक चांगेरी को आमतौर पर लोग पिल पतिया के नाम से जानते हैं। यह अधिकतर तालाबों, नालों, नदियों के किनारे या फिर घास के मैदानों में पाया जाता है। इस पौधे में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। चांगेरी की पत्तियों में पोटैशियम, कैल्शियम और कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसकी पत्तियों में ऑक्सलेट और विटामिन-सी भी भरपूर मात्रा में होता है।

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इन रोगों के लिए है रामबाण औषधि
इसकी पत्तियां खाने में हल्की खट्टी लगती हैं, साथ ही देखने में बेहद छोटे आकार की हरे रंग की होती है। ये आसानी से नमी वाले स्थान पर उग जाती है। इसमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. चांगेरी के पौधे की पत्तियां बड़ी ही गुणकारी होती हैं। यह हमें चर्म रोग, त्वचा की समस्याओं पर बीमारी, पीलिया, कील मुंहासे को सुखाने में वह दांतों की समस्याओं से राहत दिलाने में काफी कारगर होता है.

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ऐसे करें सेवन
डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि चांगेरी के पौधे की पत्तियों का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से हमें चर्म रोग, त्वचा की समस्या, पेट की बीमारी व पीलिया जैसी बीमारियों से राहत मिल सकती है। चांगेरी की पत्तियों का काढ़ा 10 से 12 दिन तक सेवन करने से हमें पीलिया की समस्या से निजात मिलती है। इसका पेस्ट बनाकर मंजन करने से दांत व मसूड़े की समस्या से राहत मिलती है। इसकी पत्तियों को सुखाकर चूर्ण के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है।

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