श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के आगमन पर्व पर हल्द्वानी में 28 से प्रभात फेरियां शुरू, 3 को भव्य नगर कीर्तन व गुरमत समागम का आयोजन

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समाचार सच, हल्द्वानी। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के आगमन पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, हल्द्वानी की ओर से भव्य नगर कीर्तन एवं गुरमत समागम का आयोजन किया जा रहा है। पर्व की तैयारियों के तहत 28 दिसंबर से प्रभात फेरियों का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की संभावना है।

गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभात फेरियों की श्रृंखला 28 दिसंबर से प्रारंभ होकर 2 जनवरी तक विभिन्न गुरुद्वारों में प्रतिदिन सुबह 5.30 बजे निकाली जाएगी। प्रभात फेरियों के माध्यम से संगत को गुरबाणी, कीर्तन और गुरु इतिहास से जोड़ा जाएगा तथा नगर में आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया जाएगा।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा द्वारा आयोजित इस आयोजन के अंतर्गत 1 जनवरी को टर्बन डे (पैदल मार्च) का भी आयोजन किया जाएगा, जो श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल से गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा तक निकलेगा। वहीं 3 जनवरी को सुबह 11 बजे से भव्य नगर कीर्तन का शुभारंभ किया जाएगा।

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आयोजन के अंतर्गत 4 और 5 जनवरी को धार्मिक दीवान आयोजित होंगे। 5 जनवरी को रामलीला मैदान में प्रातः 9रू30 बजे से शाम 4 बजे तक विशाल धार्मिक दीवान आयोजित किया जाएगा, जहां गुरु का लंगर अटूट बरतेगा। इसके अतिरिक्त दोनों दिनों में रात्रि दीवानों का भी आयोजन किया जाएगा।

इस गुरमत समागम में देश-विदेश से आए प्रसिद्ध रागी जत्थे और कथावाचक संगत को निहाल करेंगे। प्रमुख कीर्तनियों में भाई गुरकीरत सिंह जी (हजूरी रागी दरबार साहिब, अमृतसर), भाई मनजिंदर सिंह जी (हजूरी रागी श्री फतेहगढ़ साहिब), भाई कवलजीत सिंह नूर जी (अमृतसर वाले) तथा भाई सिमरनजीत सिंह जी (कथावाचक, पंजोखरा साहिब) शामिल रहेंगे।

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गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, बलिदान और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। उनके चार साहिबजादों का बलिदान सिख इतिहास की अमूल्य धरोहर है, जिससे आज भी मानवता को प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर मुख्य सेवादार वीरेंद्र सिंह चड्ढा, कंवलजीत सिंह उप्पल, हरविंदर सिंह कुकरेजा, प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, रणजीत नागपाल, सन्नी आनंद, मनलीन कोहली, अमरपाल सिंह, भूप्रीत साहनी, जसबीर सिंह गोल्डी सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने समस्त संगत से अपील की है कि वे प्रभात फेरियों, नगर कीर्तन एवं गुरमत समागम में सहभागी बनकर गुरु घर की खुशियों में शामिल हों।

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