हल्द्वानी मंच शुद्धिकरण विवाद पर सियासत गरम, कांग्रेस का मौन प्रदर्शन

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समाचार सच, हल्द्वानी/देहरादून।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित मंच शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को हल्द्वानी रामलीला मैदान में मौन प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मौन प्रदर्शन किया और घटना को लेकर नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान जैसी सार्वजनिक जगह पर कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस ने अब विरोध को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय के बाहर उपवास और अनशन करने का ऐलान किया है।

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कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक और सामाजिक मतभेदों को इस तरह की घटनाओं के जरिए बढ़ावा देना उचित नहीं है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में विचारों का विरोध राजनीतिक तरीके से होना चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को आधार बनाकर इस तरह की कार्रवाई का संदेश समाज में नहीं जाना चाहिए।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि किसी व्यक्ति या संगठन पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाना बेहद गंभीर विषय है और ऐसे आरोपों के समर्थन में ठोस आधार होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया है कि यह घटना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की दलित पहचान के कारण हुई, जबकि संबंधित आयोजक संस्था ऐसी किसी मंशा से साफ इनकार कर चुकी है।

भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध बनने का दावा किया जा रहा है तो उसका ठोस कानूनी आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।

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कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस राजनीति नहीं, बल्कि विकास की बात करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस गंभीर विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।

लालचंद शर्मा ने कहा कि भाजपा एक ओर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की बात करती है, वहीं दूसरी ओर समय-समय पर भाजपा के दलित विरोधी विचार सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को कमजोर करने तथा जाति आधारित राजनीति को बढ़ावा देने का काम कर रही है।

हल्द्वानी रामलीला मैदान से शुरू हुआ यह विवाद अब देहरादून तक पहुंच गया है। कांग्रेस के मौन प्रदर्शन के बाद मंगलवार को प्रस्तावित डीजीपी मुख्यालय पर उपवास और अनशन को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है। वहीं भाजपा की ओर से लगाए जा रहे सवालों के बीच अब पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।

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