
समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में संस्थागत गुणवत्ता सुधार और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस (CIQA) के तत्वावधान में सीडीएस जनरल विपिन रावत बहुउद्देशीय सभागार में SWOC (Strengths, Weaknesses, Opportunities and Challenges) विश्लेषण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने की।
बैठक में विश्वविद्यालय की विभिन्न विद्याशाखाओं, विभागों और प्रशासनिक इकाइयों के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लेते हुए संस्थान की उपलब्धियों, कमियों, नई संभावनाओं और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से मंथन किया। इस दौरान विश्वविद्यालय को और अधिक सशक्त बनाने तथा गुणवत्ता सुधार के लिए व्यवहारिक सुझाव प्रस्तुत किए गए।
कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की निरंतर प्रगति के लिए समय-समय पर आत्ममूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों से दूरदर्शी और व्यवहारिक सुझाव देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, नवाचार, छात्र सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
बैठक में निदेशक अकादमिक प्रो. पी. डी. पंत, वित्त नियंत्रक एस. पी. सिंह तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार ने अपने-अपने अनुभागों की उपलब्धियों, वर्तमान कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही अकादमिक गुणवत्ता, डिजिटल शिक्षा, शोध, कौशल विकास, उद्योग एवं संस्थागत सहयोग तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सुझाव लिए गए।
CIQA के अतिरिक्त निदेशक प्रो. गगन सिंह ने बताया कि बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर विश्वविद्यालय के दीर्घकालिक संस्थागत विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन प्रो. जितेंद्र पाण्डेय ने किया।



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