उत्तराखंड में कोविड-19 में रिकवरी रेट 68.66 प्रतिशत

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सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कोरोना संक्रमण से निपटने के प्रयासों पर स्पष्ट की स्थिति

समाचार सच, देहरादून। कैबिनेट मंत्री व सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक रविवार को मीडिया सेंटर सचिवालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए किये जा रहे प्रयासों पर स्थिति स्पष्टट की।

बताया कि वर्तमान में प्रदेश में कोविड-19 के एक्टीव केस 21  हैं। राज्य में कोविड-19 में रिकवरी रेट 68.66 प्रतिशत है। राज्य में लिए गए कुल सेम्पल में से 0.76 प्रतिशत सेम्पल ही पाॅजिटीव पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद प्रदेश में 4 टेस्टिंग लैब शुरू की गई हैं। मार्च में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग सुविधा नहीं थी। लेकिन इसके बाद प्रदेश के 8 जनपदों के साथ ही देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में 73 आईसीयू, 46 वेण्टीलेटर तथा 21 बाईपैप मशीनों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। वर्ष 2017 में राज्य में जहां केवल 3 मेडिकल कॉलेजों में 62 आईसीयू, 37 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें ही थीं। जबकि वर्तमान में कुल 251 आईसीयू, 113 वेण्टीलेटर तथा 33 बाईपैप मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में मात्र 3 जनपदों में आईसीयू स्थापित थे, वहीं अब राज्य के 11 जनपदों में आईसीयू की स्थापना पूर्ण हो चुकी है, शेष 2 जनपदों अल्मोड़ा व बागेश्वर में भी जल्द ही आईसीयू का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।

शासकीय प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में ई संजीवनी टेलीमेडिसीन सेवा प्रारंभ की गई है। हाल ही में 401 चिकित्सकों को नियुक्ति दी गई है। 467 पदों का अध्याचन भी चयन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग से चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा 180 पदों को पुनर्जीवित किया गया था। इन पदों पर जल्द भर्ती कराई जाएगी। प्रदेश के सभी राजकीय कार्मिकों एवं पेंशनर्स को आयुष्मान भारत व अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ देने का शासनादेश जारी किया गया है।

प्रवासियों की वापसी

अन्य राज्यों से 8 मई की रात तक 23,794 प्रवासियों को वापस लाया गया। आज शाम तक यह संख्या 30 हजार हो जाएगी।

दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड आने के लिए 1,79,615 प्रवासियों ने पंजीकरण कराया है।

उत्तराखण्ड में फंस गए दूसरे राज्यों के 21717 हजार लोगों ने वापस अपने राज्य जाने के लिए पंजीकरण कराया है, इनमें से 6378 को भेज दिया गया है।

अहमदाबाद, सूरत, पुणे के साथ ही केरल से भी प्रवासी लोगों को लाने के लिए ट्रेन के बारे में रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों से बात हुई है। व्यय भार उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। राज्य सरकार ने रेल मंत्रालय को 50 लाख रूपए एडवांस भी जमा करा दिया है। 

बाहर से आने वाले लोगों की पूरी तरह से जांच

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बाहर से आने वाले लोग होम क्वारेंटीन का पूरा पालन करें, इसके लिए ग्राम प्रधानों को डिजास्टर मेनेजमेंट एक्ट में कुछ अधिकार दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, जो प्रवासी उत्तराखण्ड लौट कर आ रहे हैं, राज्य सरकार को उनके रोजगार की भी चिंता है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी गई है। इसमें निर्माण और सेवा क्षेत्र में अपना काम करने के लिए ऋण व अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार और भी अनेक योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।

कोरोना से लङने के लिए धनराशि निर्गत

कोरोना वायरस से निपटने के लिए एसडीआरएफ मद से 85 करोङ रूपए जारी किए गए हैं। इसमें हर जिले को 5-5 करोङ रूपए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों के लिए जबकि 20 करोङ रूपए चिकित्सा शिक्षा विभाग को कोरोना नोटिफाईड अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के लिए दिए गए हैं।

कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु चिह्नित किए गए राजकीय मेडिकल कालेजों को सुदृढ़ किए जाने और उनकी क्षमता में वृद्धि किए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा शिक्षा विभाग को 10 करोङ रूपए अवमुक्त किए गए हैं।

कोरोना वारियर्स की जीवन क्षति की दशा में परिवारजनों को मुख्यमंत्री कोष से 10 लाख रूपए की सम्मान राशि की व्यवस्था।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (अन्त्योदय अन्न योजना एवं प्राथमिक परिवार) तथा राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत 03 माह (अपे्रल, मई व जून 2020) के नियमित आवंटन का अग्रिम उठान कर वितरण करवाया जा रहा है।

अन्त्योदय अन्न योजना एवं प्राथमिक परिवार के अंतर्गत लगभग 13.49 लाख राशन कार्ड धारकों को 3 रूपए प्रति किग्रा चावल व 2 रूपए प्रति किग्रा की दर से गेहूं उपलब्ध करवाया जा रहा है।  

राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत 10.28 लाख परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा तीन माह( अप्रैल-मई जून 2020) हेतु प्रति कार्ड वितरण स्केल को बढ़ाते हुए 20 किलोग्राम खाद्यान्न (10 किलोग्राम गेहूं वह 10 किलोग्राम चावल) प्रति कार्ड किया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत (अन्त्योदय अन्न योजना और प्राथमिक परिवार) 13.49 लाख परिवारों को 3 माह हेतु प्रति व्यक्ति प्रति माह निशुल्क 5 किलोग्राम चावल का वितरण कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत (अन्त्योदय अन्न योजना और प्राथमिक परिवार) 13.49 लाख परिवारों को 3 माह हेतु प्रति राशन कार्ड निशुल्क 01 किलोग्राम दाल का वितरण कराया जा रहा है।

ऐसे गरीब परिवार एवं श्रमिक जिनके पास राशन कार्ड नहीं है तात्कालिक रूप से सभी को निशुल्क राशन का वितरण जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से निरंतर करवाया जा रहा है। लगभग 1 लाख 33 हजार से अधिक किट वितरित किए जा चुके हैं।

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कृषक

कृषि, बागवानी, डेरी, मत्स्य आदि संबंधित क्षेत्रों में सुधार के लिए कृषि एवं उद्यान मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में एक मंत्रीमण्डलीय उप समिति गठित की गई है। इसमें महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डा.धन सिंह रावत, मुख्य सचिव व अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग को सदस्य नामित किया गया है।

हाल ही में अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे चल रहा है। इसमें मानकों के अनुसार प्रभावितों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। हाॅर्टीकल्चर में नुकसान पर भी मानकों के अनुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

रबी विपणन सत्र 2020-21 में उत्तराखण्ड के 6 जनपदों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, पौड़ी व चम्पावत में कुल 230 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।

भारत सरकार द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रूपए प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा 20 रूपए प्रति कुंतल अतिरिक्त का बोनस कृषकों को दिया जा रहा है।

राज्य के किसानों से 19447.50 मी0टन गेहूं की खरीद की गयी है। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जा रहा है।

समाज कल्याण/श्रम

सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों के लिए टेक होम राशन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर पर ही पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इनमें 20067 आंगनबाड़ी केंद्रों से 1 लाख 70 हजार गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं और 6 लाख 20 हजार छोटे बच्चों को घर पर ही टेक होम राशन दिया जा रहा है।

भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को लाॅकडाउन में राहत देने के लिए दो किश्तों में 1-1 हजार, कुल दो-दो हजार रूपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लगभग 1 लाख 98 हजार श्रमिक इससे लाभान्वित हुए हैं।

ग्राम्य विकास

मनरेगा के 8 हजार से अधिक कार्य प्रारम्भ, 93 हजार से अधिक श्रमिकों को काम मिला है। मनरेगा में नए पंजीकरण भी किए गए हैं। मनरेगा से जुड़ने वाले नए लोगों को भी काम उपलब्ध करवाया गया है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जिलों से 307 कार्यों को अनुमति दी गई है। इसमें 16600 कार्मिकों व श्रमिकों का नियोजन होगा।

 उद्योग

प्रदेश की आर्थिकी में सुधार लाने के लिए श्री इंदुकुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में गठित समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे दी है।

राज्य में केंद्र सरकार की गाईडलाईन के अंतर्गत औद्योगिक गतिविधियां शुरू की गई हैं। 4747 उद्योगों को संचालन के लिए अनुमति दी गई है। इनमें 1 लाख 75 हजार श्रमिकों का नियोजन होगा। इनमें से बहुत सी इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। निर्माण कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए खनन शुरू किया गया है।

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