सजावट के चक्कर में ऐसे छोटे-छोटे नियम भूल जाते हैं हम जो हमारे घर के माहौल पर असर डालते

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। घर में हरियाली रखना अब सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक तरह की लाइफस्टाइल बन चुका है। खासकर भारतीय घरों में तुलसी और मनीप्लांट तो जैसे हर आंगन और बालकनी की पहचान बन गए हैं। सुबह की चाय के साथ तुलसी के पास बैठना या लिविंग रूम में लटकता हुआ मनीप्लांट-ये सब सुकून देने वाली चीजें हैं। लेकिन कई बार हम सजावट के चक्कर में ऐसे छोटे-छोटे नियम भूल जाते हैं, जो हमारे घर के माहौल पर असर डाल सकते हैं।

सवाल ये है कि क्या तुलसी और मनीप्लांट को एक साथ रखना सही है? बहुत लोग बिना सोचे इन्हें पास-पास रख देते हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से ये फैसला सही नहीं माना जाता, अगर आपके घर में भी ये दोनों पौधे हैं, तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है।

तुलसी का महत्व, सिर्फ पौधा नहीं, एक आस्था
तुलसी को भारतीय घरों में खास जगह दी जाती है। ये सिर्फ ऑक्सीजन देने वाला पौधा नहीं, बल्कि इसे एक पवित्र रूप में देखा जाता है। लोग सुबह-शाम इसकी पूजा करते हैं और मानते हैं कि इससे घर में शांति बनी रहती है। वास्तु के मुताबिक तुलसी को हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखना बेहतर माना जाता है। ये दिशा हल्की और पॉजिटिव मानी जाती है, इसलिए यहां तुलसी रखने से घर में अच्छा माहौल बना रहता है। कई घरों में आपने देखा होगा कि तुलसी को खुले आंगन या बालकनी में रखा जाता है-ये कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर अपनाई गई आदत है।

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मनीप्लांट – घर की सजावट से ज्यादा, धन का संकेत
मनीप्लांट का नाम ही बहुत कुछ बता देता है। इसे घर में रखना आर्थिक तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। आजकल ऑफिस से लेकर घर तक हर जगह ये पौधा नजर आता है। वास्तु में इसकी सही दिशा दक्षिण-पूर्व बताई गई है। ये दिशा ऊर्जा और ग्रोथ से जुड़ी मानी जाती है, अगर आपने गौर किया हो, तो कई लोग मनीप्लांट को दीवार पर ऊपर की ओर चढ़ाते हैं-ये भी एक तरह से तरक्की का संकेत माना जाता है।

क्या दोनों को साथ रखना ठीक है?
-यहीं होती है सबसे बड़ी गलती अक्सर लोग जगह बचाने या सजावट के लिए तुलसी और मनीप्लांट को एक साथ रख देते हैं। लेकिन वास्तु के नजरिए से ये सही नहीं है।
-असल में दोनों पौधों की दिशा और ऊर्जा अलग-अलग मानी जाती है। तुलसी जहां ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व में अच्छी मानी जाती है, वहीं मनीप्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व सही दिशा है, अगर आप इन्हें एक साथ रख देंगे, तो दोनों अपनी सही ऊर्जा नहीं दे पाएंगे।
-कुछ लोग बताते हैं कि जब दोनों पौधे पास-पास रखे जाते हैं, तो घर में अजीब सा असंतुलन महसूस होता है-जैसे छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ना या काम में रुकावट आना। ये बातें हर किसी पर लागू हों, ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन वास्तु इन चीजों को नजरअंदाज करने से मना करता है।

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दोनों पौधों को रखने के सही तरीके
छोटी-छोटी बातें, बड़ा असर अगर आपके घर में तुलसी और मनीप्लांट दोनों हैं, तो कुछ आसान नियम अपनाना बेहतर रहेगा।
तुलसी के लिए ध्यान रखें
तुलसी को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां उसे धूप मिले। रोज पानी दें, लेकिन रविवार और एकादशी को पानी देने से बचें। सूखी या मुरझाई तुलसी को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता।
मनीप्लांट के लिए टिप्स
मनीप्लांट को सीधे धूप से दूर रखें। इसे घर के अंदर या हल्की छाया वाली जगह में रखना ठीक रहता है। इसकी बेल को जमीन पर फैलने न दें, बल्कि ऊपर की ओर बढ़ने दें-ये पॉजिटिव संकेत माना जाता है।

दोनों के बीच दूरी जरूरी
सबसे जरूरी बात-दोनों पौधों को एक-दूसरे से दूर रखें। अलग-अलग दिशा में रखने से ही इनका सही असर मिलता है। साथ ही इनके आसपास कांटेदार पौधे लगाने से भी बचें।

सजावट से पहले समझदारी जरूरी
घर को सुंदर बनाना अच्छी बात है, लेकिन कुछ परंपराएं और मान्यताएं भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। तुलसी और मनीप्लांट दोनों ही अपने-अपने तरीके से घर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन इन्हें सही जगह पर रखना ज्यादा अहम है, अगर आप सिर्फ दिखावे के लिए इन्हें साथ रखती हैं, तो हो सकता है आप इनका पूरा फायदा न उठा पाएं। थोड़ी सी समझदारी और सही प्लेसमेंट से ही घर में बेहतर माहौल बनाया जा सकता है।

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