समाचार सच, थराली।
चमोली में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क व्यवस्था की पोल खोलनी शुरू कर दी है। थराली विकासखंड की सोल घाटी में थराली-डूंगरी मोटर मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों और दलदल के बीच एक Alto कार फंस गई। वाहन को निकालने के लिए ग्रामीणों को पिकअप की मदद लेनी पड़ी।
ग्रामीणों ने Alto को रस्सी से पिकअप के साथ बांधा और काफी मशक्कत के बाद वाहन को दलदल से बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों की परेशानी साफ नजर आ रही है।
16 गांवों की आवाजाही इसी सड़क पर निर्भर
सोल घाटी करीब 16 गांवों का बड़ा ग्रामीण क्षेत्र है। तहसील मुख्यालय और थराली बाजार तक पहुंचने के लिए ग्रामीण इसी संपर्क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़क की हालत बिगड़ने लगती है।
कई जगह भूस्खलन के कारण मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ जाते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क का हिस्सा भी बह जाता है। कीचड़ और दलदल के कारण छोटे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पीएमजीएसवाई के अधीन है, लेकिन बरसात में सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जाती है। कई बार मार्ग पूरी तरह बंद होने की स्थिति में ग्रामीणों को 10 से 12 किलोमीटर तक पैदल चलकर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।
इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ता है। रोजमर्रा के काम और जरूरी सामान के लिए बाजार जाने वाले ग्रामीण भी परेशान हैं।
हर बरसात में सामने आती है सड़क की बदहाली
ग्रामीणों के मुताबिक थराली-डूंगरी मोटर मार्ग हर साल बरसात में आपदा की मार झेलता है। पहाड़ी से चट्टान और मलबा गिरने के कारण कई स्थानों पर आवाजाही बाधित हो जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क खोलने के लिए पर्याप्त मशीनरी और संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार मार्ग को सुचारू करने में लंबा समय लग जाता है। इससे पूरी सोल घाटी की आवाजाही प्रभावित होती है।
‘गड्ढामुक्त सड़क’ के दावों के बीच पहाड़ों में अलग तस्वीर
प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बरसात के दौरान सड़क की स्थिति अलग ही तस्वीर दिखा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि बरसात से पहले नियमित रखरखाव और आपदा के दौरान तत्काल मरम्मत की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है।
खराब सड़क और लगातार गिरते मलबे के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
नंदानगर से जोड़ने की कवायद भी अधूरी
सोल घाटी को नंदानगर से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की कवायद लंबे समय से चल रही है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कुछ किलोमीटर सड़क का काम तकनीकी अड़चनों के कारण अभी तक गति नहीं पकड़ पाया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि सोल घाटी के करीब 16 गांवों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिल सके।

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