समाचार सच, हल्द्वानी। उप्र के हाथरस में दलित युवती के साथ दरिंदगी की घटना से यहां सफाई कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। कर्मियों ने एक दिन की हड़ताल कर दरिंदों को फांसी की सजा देने व डीएम की बर्खास्तगी की मांग की। साथ ही उप्र के सीएम का पुतला दहन किया। शनिवार को देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मी निगम के समक्ष एकत्र हुए। जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ दरिंदगिता पर आक्रोश जताया और प्रदर्शन शुरू किया। निर्णय लिया कि वह घटना के विरोध में एक दिन हड़ताल करेंगे और सफाई नहीं करेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि हाथरस में दलित युवती के साथ घटित घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। कहा कि इस प्रकार के कृत्य करने वालों पर कड़ी कार्यवाही न होने के चलते उनके हौंसले बढ़ रहे हैं। दलित युवती के साथ जो घटना घटित हुई, उसने मानवता को शर्मशार करने का काम किया है। उनका आरोप था कि इस मामले में पुलिस-प्रशासन दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। जिसकी बानगी वहां के जिलाधिकारी द्वारा पीड़ित मृतका के परिवारजनों से अभद्रता के रूप में सामने आई है। कहा कि इस घटना के बाद वहां के जिलाधिकारी को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस दौरान सफाई कर्मियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भी आक्रोश जताया और उनका पुतला दहन किया। कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके चलते आए दिन इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार कानून व्यवस्था बनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और उत्तर प्रदेश में गुंडाराज कायम हो गया है। सफाई कर्मचारियों ने दलित युवती के साथ दरिंदगी करने वालों को फांसी देने, डीएम को बर्खास्त करने व इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग को लेकर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया। चेतावनी दी कि यदि इस घटना के दोषियों को फांसी नहीं हुई और कड़े कानून नहीं बनाये गये तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



