सिविल सर्विस दिवस पर विशेष : कोरोना को हराने में लगे प्रशासनिक अधिकारियों को सैल्यूट

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समाचार सच, हल्द्वानी। सिविल सर्विस दिवस उन अधिकारियों को समर्पित है जो रात दिन एक कर वैश्विक बीमारी को हराने के लिए कृतसंकल्प हैं। वर्तमान में नैनीताल में तैनात तमाम अधिकारी मनोयोग से प्रशासन की डोर मजबूती से थामे हुए हैं। जहां वे तमाम चुनौतियों से नियत रहे है। प्रशासन जहां व्यवस्था को संभालने में मुस्तैद है। वहीं पुलिस व्यवस्था में सहयोग कर रही है साथ ही कानून व्यवस्था को संभालने में बखूबी से योगदान दे रहे हैं। वहीं मंडल में राशन वितरण की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रहे हैं।

आयुक्त व पुलिस उपमहानिरीक्षक यहां से तमाम कुमाऊं पर नजर रखे हुए हैं। नैनीताल में आयुक्त की बात करें तो यहां पर रूद्रपुर के डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, वहीं पुलिस उपमहानिरीक्षक की कमान जगतराम जोशी के पास है। डीएम के रूप में तजतर्रार अधिकारी सविन बंसल के पास यहां की कमान है। ईमानदार अधिकारी माने जाने वाल डीएम बंसल इससे पूर्व अल्मोड़ा में जिलाधिकारी रह चुके हैं।

नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप सुनील कुमार मीणा तैनात हैं। वे मूलतः राजस्थान के निवासी हैं। नैनीताल के एसएसपी बनने से पूर्व वे अनेक जिले में अपनी सेवा दे चुके हैं। वे तेजतर्रार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।

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इधर कुमाऊँ मंडल में राशन की जिम्मेदारी (आरएफसी) का पदभार ललित मोहन रयाल संभाले हुए हैं। ईमानदार व तेजतर्रार अधिकारी माने जाने वाले रयाल उत्तराखण्ड के पहले बैच के टॉपर व पीसीएस अधिकारी है।

शहर में प्रशासन का जिम्मा सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष कुमार के पास है। वे उत्तराखण्ड सिविल सेवा के पहले बैच के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे व्यवस्था को बखूबी संभाल रहे हैं। इससे पूर्व वे हल्द्वानी व लालकुआं में अपनी सेवायें दे चुके हैं।

इधर हल्द्वानी में पुलिस व्यवस्था को संभालने का जिम्मा एएसपी अमित श्रीवास्तव के पास है। वे तेज तर्रार अधिकारी के रूप में माने जाते हैं। वे उत्तराखण्ड के पहले बैच के पीपीएस अधिकारी है।

सिविल सर्वेन्टों का गढ़ रहा है उत्तराखण्ड

समाचार सच, हल्द्वानी। उत्तराखण्ड पूर्व से ही सिविल सर्वेन्टों का गढ़ रहा है। राज्य के प्रथम आई.सी.एस. बीडी पाण्डे से लेकर तमाम प्रशासनिक अधिकारी हुए हैं जिन्होंने राज्य ही नहीं देश में अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड के पहले आई.सी.एस. व भारत के कैबिनेट सचिव रहे चुके बी.डी. पाण्डे अल्मोड़ा के निवासी थे। वहीं कैबिनेट सचिव बनने वाले बिनोद पाण्डे भी उत्तराखण्ड के ही रहने वाले थे। इधर देश में चर्चित प्रशासनिक अधिकारी बी.आर. टम्टा और सर्विस काल के दौरान ही धरने पर बैठने वाले धरम सिंह रावत भी उत्तराखण्ड के ही निवासी थे। इधर सुरेन्द्र सिंह पांगती, आर.एस. टोलिया, नृप सिंह नपलच्याल, अरविन्द पांडे, मुकुल सनवाल समेत तमाम आई.ए.एस. अधिकारी रहे हैं।

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सिविल सेवा दिवस व उद्देश्य
भारत में लोक सेवा दिवस/सिविल सेवा दिवस 21 अपै्रल को मनाया जाता है। इसे भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा सहित सभी सिविल सेवाओं की उत्कृष्टता के लिए मनाया जाता है। केन्द्र सरकार प्रत्येक 21 अपै्रल को लोकसेवा दिवस के रूप में मनाती है। इस दिन अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को उनकी सर्वश्रेष्ठ सेवा के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इस पुरस्कार को उन्हें नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए दी जाती है। इस दिवस का उद्देश्य आईएएस/पीसीएस के सदस्यों द्वारा अपने आपको नागरिकों के लिए एक बार पुनः समर्पित और वचनबद्ध करना है। इस अवसर पर केन्द्रीय व राज्य सरकारों के सभी अधिकारियों की प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक प्रशासन में उत्कृष्ठता के लिए सम्मानित किया जाता है।

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