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तुलसी जी को नाखूनों से कभी नहीं तोडना चाहिए,नाखूनों के तोडने से पाप लगता है।
2.सांयकाल के बाद तुलसी जी को स्पर्श भी नहीं करना चाहिए।

रविवार को तुलसी पत्र नहीं तोड़ने चाहिए।

जो स्त्री तुलसी जी की पूजा करती है। उनका सौभाग्य अखण्ड रहता है । उनके घर सत्पुत्र का जन्म होता है ।

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द्वादशी के दिन तुलसी को नहीं तोडना चाहिए

सांयकाल के बाद तुलसी जी लीला करने जाती है।

तुलसी जी वृक्ष नहीं है! साक्षात् राधा जी का अवतार है।

तुलसी के पत्तो को चबाना नहीं चाहिए।
तुलसी वृक्ष ना जानिये।
गाय ना जानिये ढोर।।
गुरू मनुज ना जानिये।
ये तीनों नन्दकिशोर।।
अर्थात-
तुलसी को कभी पेड़ ना समझें
गाय को पशु समझने की गलती ना करें और गुरू को कोई साधारण मनुष्य समझने की भूल ना करें, क्योंकि ये तीनों ही साक्षात भगवान रूप हैं।

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