समाचार सच, हल्द्वानी। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के शिक्षा प्रकोष्ठ ने पांच सितम्बर को काला दिवस के रूप में मनाया। साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से मांगों के संबंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि समस्त निजी स्कूल सरकार के शासनादेश के तहत अभिभावकों से शिक्षण शुल्क ले रहे हैं। लेकिन कुछ लोग अपना राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करने के उद्देश्य से बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा का लाभ मिलने के बावजूद अभिभावकों को फीस न देने के लिए बरगला रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों व शिक्षकों के संबंधों में कटुता उत्पन्न हो रही है और बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। अभिभावकों के फीस जमा न करने से स्कूलों के समक्ष शिक्षकों के साथ ही कर्मचारियों को वेतन देने की समस्या खड़ी हो गई है। जिससे शिक्षकों ने ऑनलाइन कक्षा संचालित न करने का मन बना लिया है। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से फीस जमा करने के संबंध में उचित कदम उठाने, स्कूलों को आरटीई की फीस का भुगतान जल्द करने व लॉक डाउन की अवधि से स्कूल संचालित होने तक स्कूल बसों का रोड टैक्स व बीमा माफ करने, परमिट व फिटनेस को लॉक डाउन अवधि के सापेक्ष में आगे बढ़ाने, स्कूल बस चालकों व हेल्परों को आर्थिक मदद देने तथा हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने हेतु समाचार पत्रों व सोशल मीडिया का संज्ञान लेते हुए समाज में द्वेष भावना फैलाने वाले तत्वों पर कार्यवाही की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में विकल बवाड़ी, अभिषेक मित्तल, अनुराग पांडेय, राजेंद्र पांडेय, चंदन रैक्वाल, राजेंद्र पोखरिया आदि शामिल रहे।

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