समाचार सच, देहरादून। प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों व आंदोलनकारियों की उपेक्षा से आहत हो कर गांधी पार्क में आंदोलनकारी एकत्र हुए। वहां से घंटा घर, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक होते हुए कचहरी स्थित शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजली दी गई। इसके बाद वक्ताओं ने कहा कि जन भावनाओं को अनुकूल उत्तराखंड का विकास नहीं हुआ। पलायन राजधानी गैरसैंण रोजगार की अनदेखी की गई। प्रदेश की ट्रिपल इंजन की सरकार प्रदेश का विकास करने में फिसड्डी साबित हुई है। परिसीमन के मुद्दों पर यूपी उत्तराखंड व केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई। अभी तक आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण की प्रक्रिया की दिशा में वर्तमान सरकार ने कोई कार्य नहीं की। आंदोलनकारियों को सम्मान सरूप पेंशन की संज्ञा दी गई लेकिन वो एक सहायता राशि के रूप में दी गई जो एक फिक्स रकम है जिसे समय के अनुसार बढ़ाया जाना चाहिए तभी पेशन कहा जायेगा। सरकार का पोने चार साल के कार्यकाल में राज्य हित की घोर अनदेखी की गई व जनता से झूठे वायदे किए गए जिससे आम जन अपने को ठगा महसूस कर रहा है। बेरोजगारी चरम पर है। कोराना काल में घर लौटे प्रवासी रोजगार व आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुद नहीं ले रही। सरकार को कोई ज्ञापन नहीं दिया जायेगा बल्कि जनता की अदालत में इनको सबक सिखाया जाएगा। सभा को पूर्व मंत्री शुरवीर सजवान, धीरेन्द्र प्रताप, रविन्द्र जुगरान, जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती, महेश जोशी, मनीष नागपाल, पीयूष गौड़, सुशील बगासी, पुरन लिंगवाल, बिक्रम भंडारी, जेबीआर सिंह पावेल, प्रभात डंडरियाल, प्रवीण गुसाईं, मोहन खत्री, श्रीमती प्रमिला रावत, महेंद्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।
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