16 दिन में खराब हुई नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड, 12 घंटे में फिर तैयार! CM धामी ने मौके पर पहुंचकर जांची गुणवत्ता

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28 जुलाई की बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ था एप्रोच रोड, निर्माण को लेकर उठे थे सवाल; सरकार ने कंपनी का लाइसेंस किया था सस्पेंड, अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई

समाचार सच, देहरादून। देहरादून के चर्चित नंदा की चौकी पुल को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारी बारिश के बाद पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार, 10 अगस्त को मौके पर पहुंचे और पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री सहसपुर के भाऊवाला में आयोजित महिला संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी पुल पहुंचकर एप्रोच रोड के पुनर्निर्माण कार्य का जायजा लिया। सीएम ने मौके पर निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा इंतजाम और यातायात संचालन की स्थिति को देखा तथा अधिकारियों से पूरे कार्य की जानकारी ली।

राज्य सरकार के अनुसार, एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों को तत्काल राहत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।

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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों और अभियंताओं ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज 12 घंटे में एप्रोच रोड का पुनर्निर्माण पूरा कर लिया। इसके बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जा सका और लोगों को हो रही परेशानी से राहत मिली।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों के त्वरित प्रयासों की सराहना की।

नंदा की चौकी पुल का मामला इसलिए भी चर्चा में आया था क्योंकि 28 जुलाई को भारी बारिश के बाद पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी। खास बात यह थी कि पुल का उद्घाटन इसके करीब 16 दिन पहले ही हुआ था।

नई बनी पुल की एप्रोच रोड के इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। विपक्ष, खासकर कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला था।

करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए पुल की एप्रोच रोड के इतने कम समय में क्षतिग्रस्त होने को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई थी।

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मामले की जांच के बाद राज्य सरकार की ओर से निर्माण से जुड़े मामले में कार्रवाई भी की गई। सरकार ने निर्माणदायी संस्था यानी संबंधित कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड किया था। इसके अलावा लापरवाही के मामले में कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई।

पुल निर्माण से जुड़ी कंपनी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए थे और विपक्ष ने इसे लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की थी।

लगभग दो सप्ताह पहले सामने आए विवाद के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने से नंदा की चौकी पुल एक बार फिर चर्चा में है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जनता से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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