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13 जुलाई को मनाया जायेगा गुरु पूर्णिमा का त्योहार, जानें पूजा विधि

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस साल गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई 2022 को मनाई जाएगी। गुरु पूर्णिमा तिथि 13 जुलाई को सुबह 4 बजे प्रारंभ होगी और 14 जुलाई को रात 12 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। पूर्णिमा के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विशेष महत्व होता है। इस दिन विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना भी करें।

गुरु पूर्णिमा तिथि पर शुभ चौघड़िया

लाभ और अमृत – सुबह 5.41 से सुबह 9.10 बजे तक

शुभ – सुबह 10.50 से दोपहर 12.30 बजे तक

चंचल और लाभ – सुबह 3.58 बजे से शाम 7.23 तक

गुरु पूर्णिमा तिथि पर शुभ चौघड़िया

लाभ और अमृत – सुबह 5.41 से सुबह 9.10 बजे तक

शुभ – सुबह 10.50 से दोपहर 12.30 बजे तक

चंचल और लाभ – सुबह 3.58 बजे से शाम 7.23 तक

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें?
अपने गुरु का ध्यान करें और गुरु मंत्र का जाप करें जिन्होंने अभी तक अपना गुरु नहीं बनाया है। वे भगवन शिव जी को गुरु मानते हुए उनका ध्यान कर पंचाक्षर मंत्र का जप करें। जिन साधनों से ज्ञान मिलता है उनकी पूजा करनी चाहिए। गुरु के उपदेश का पालन करना चाहिए।

ग्रहों का शुभ संयोग
आषाढ़ पूर्णिमा पर ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण कई राजयोग का निर्माण हो रहा है. इस बार गुरु पूर्णिमा पर गुरु, मंगल, बुध और शनि ग्रह के शुभ संयोग से रुचक, शश, हंस और भद्र योग बन रहे हैं। मान्यता है कि गुरु पूजन से जातक की कुंडली में गुरु दोष व पितृदोष समाप्त होता है। गुरु पूजन से नौकरी, करियर व व्यापार में लाभ मिलने की मान्यता है।

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गुरु पूर्णिमा 2002 पूजन विधि
अगर आप भी गुरु पूर्णिमा पर विधि-विधान से पूजन करना चाहते हैं तो आइए जानते हैं पूजन के बारे में डिटेल से। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं। इसके बाद मंदिर को स्वच्छ कर वहां भगवान विष्णु और माता पार्वती के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें। यदि संभव हो तो इस दिन व्रत रखना भी लाभकारी होता है। इसके अलावा गुरु पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने भी विशेष महत्व है। अगर स्नान करना संभव न हो तो घर पर स्नान करते समय पानी में थोड़ सा गंगाजल मिला लें।


हिंदू कैलेंडर के अनुसार गुरु पूर्णिमा इस साल 13 जुलाई, बुधवार के दिन मनाई जाएगी. पूर्णिमा तिथि 13 जुलाई को सुबह 4 बजे प्रारंभ होगी। इसका समापन 14 जुलाई, गुरुवार को रात 12 बजकर 6 मिनट पर होगा।

बन रहा है ग्रहों का शुभ संयोग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु पूर्णिमा के दिन कई ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है. फिलहाल ग्रहों के राजा सूर्यदेव मिथुन राशि में हैं और बुध के साथ युति बनाए हुए हैं. सूर्य और बुध का एक राशि में होना बुधादित्य योग बनाता है. वहीं मंगल अपनी स्वराशि मेश में गोचर कर रहा है, जिसके कारण रुचक योग बन रहा है. जबकि गुरु अपनी स्वराशि वृषभ में मौजूद है जो कि मालव्य योग बना रहे हैं. वहीं शनि 12 जुलाई को कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करेंगे जिससे शश योग बनेगा.

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विवाह में आ रही परेशानी तो करें ये उपाय
जिन जातकों के विवाह संबंधी मामलों में परेशानी आ रही है, ऐसे जातकों को गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु यंत्र को स्थापित कर उसकी विधिवत पूजा करनी चाहिए. इस उपाय से वैवाहिक जीवन से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म हो जाएगी।

पढ़ाई में आ रही परेशानी को दूर करने के उपाय
जिन विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी भी तरह की परेशानी आ रही है, उनका पढघ़्ाई में मन नहीं लग रहा है. ऐसे जातकों को गुरु पूर्णिमा के दिन गीता पाठ करना चाहिए. इस उपाय से पढ़ाई में हो रही समस्याएं दूर हो सकती है।

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