समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की हिंदू कैलेंडर का नया महीना आषाढ़ शुरू हो गया है। यह 24 जुलाई तक चलेगा। आषाढ़ माह में भड़ली नवमी और देवशयनी एकादशी जैसे 10 बड़े व्रत और पर्व भी होगे। इनमें हलहारिणी अमावस्या, गुप्त नवरात्र और भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा महोत्सव शामिल हैं। गुरु पूर्णिमा भी इसी महीने मनाया जाएगा। आषाढ़ महीने में ही सूर्य कर्क संक्रांति रहेगी। सूर्य के मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करने के साथ दक्षिणायन की शुरुआत हो जाएगी। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज के अनुसार दक्षिणायन के छह माह को देवताओं की रात का समय के रूप में देखा जाता है। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने बताया की देवशयनी एकादशी 20 जुलाई को है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन से चार माह के लिए भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करने चले जाते हैं और फिर देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। इसी दिन से चातुर्मास भी शुरू हो जाएगा। इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं।
योगिनी एकादशी – पांच जुलाई को आषाढ़ के कृष्णपक्ष की एकादशी रहेगी। इस दिन वामन अवतार व योगीराज श्रीकृष्ण की पूजा की भी परंपरा है।

हलहारिणी अमावस्या – नौ जुलाई को हलहारिणी अमावस्या है। इस दिन स्नान-दान के साथ पितृ श्राद्ध की परंपरा है।
गुप्त नवरात्र – 11 जुलाई से गुप्त नवरात्र शुरू होंगे। इसमें साधना का विशेष महत्व रहेगा।
रथयात्रा महोत्सव – 12 जुलाई को रथ यात्रा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग भी रहेगा।
विनायक चतुर्थी व्रत – 13 जुलाई को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। मंगलवार होने से अंगारकी योग बन रहा है।
कर्क संक्रांति – 16 जुलाई को सूर्य मिथुन से निकलकर कर्क में आ जाएगा। इस पर्व पर स्नान-दान व सूर्य पूजा का विधान है।
भड़ली नवमी – 18 जुलाई को भड़ली नवमी रहेगी।
वामन द्वादशी – 21 जुलाई को भगवान विष्णु के लिए व्रत रखकर वामन अवतार की पूजा की जाती है।
गुरु पूर्णिमा – 24 जुलाई को गुरु पूर्णिम रहेगी। इसी तिथि पर आषाढ़ मास खत्म हो जाएगा।



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