बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू

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समाचार सच, देहरादून। शीतकाल के लिए भगवान बदरीनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया पंच पूजाओं के साथ शुरू हो गई। अपराह्न तीन बजे विधिवत पूजा के बाद गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने से पहले पंच पूजाएं की जाती हैं। इस साल 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। इसके तहत रविवार को पूजा के बाद गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। 16 नवंबर को आदिकेदार के कपाट बंद होंगे। 17 नवंबर को वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा और 18 नवंबर को महालक्ष्मी पूजा होगी। उसके बाद 19 नवंबर को विधि विधान के साथ शाम 3ः35 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। 20 नवंबर सुबह साढे़ नौ बजे उद्धव जी व कुबेर जी का पांडुकेश्वर और रावल व आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर के लिए प्रस्थान करेगी। 21 नवंबर सुबह 10 बजे श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगी।

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