नैनीताल जिले में महिला को निवाला बनाने वाला बाघ पिंजरे में कैद, भेजा गया रानीबाग रेस्क्यू सेंटर

खबर शेयर करें

समाचार सच, नैनीताल। भीमताल के पास नौकुचियाताल-खड़की मार्ग में एक महिला को निवाला बनाने वाला बाघ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बाघ को रेस्क्यू सेंटर रानीबाग भेज दिया गया है। यह बाघ बीती रात करीब 1 बजे पिंजरे में फंसा। ज्ञात हो कि 25 नवंबर को बाघ ने लीला देवी (52) पत्नी नरोत्तम को अपना शिकार बना लिया था। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पांच पिंजरे लगाए थे, जिनमें से एक में यह बाघ फंसा।

यह भी पढ़ें -   नैनीतालः सतत विकास के लिए जनभागीदारी अनिवार्य, पारंपरिक ज्ञान को मिले प्राथमिकताः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

वन क्षेत्र अधिकारी विजय मलकानी के अनुसार, पकड़ा गया बाघ 5 वर्ष का नर है। इसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। बाघ के नरभक्षी होने की पुष्टि के लिए उसके सैंपल डब्ल्यूआईआई देहरादून भेजे जा रहे हैं।

क्षेत्र के निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य अनिल ने बताया कि पिछले एक साल में क्षेत्र में तीन बाघ देखे गए थे। इनमें से एक बाघ को 2023 में पकड़ा गया था। हालांकि, क्षेत्र में अभी भी एक बाघिन के मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। यह सफलता स्थानीय निवासियों के लिए राहत का कारण बनी है, लेकिन वन विभाग को अभी भी इलाके में संभावित बाघिन की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहना होगा।

यह भी पढ़ें -   पर्यावरण संरक्षण में 36 वर्षों का अतुलनीय योगदान: डॉ. आशुतोष पंत को “समाचार सच” द्वारा पर्यावरण रक्षक सम्मान से सम्मानित

वन क्षेत्र अधिकारी ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। अब उसकी गतिविधियों और डीएनए सैंपल की जांच से यह पुष्टि होगी कि वह नरभक्षी है या नहीं।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440