समाचार सच, रुद्रपुर। लगातार भीषण गर्मी के बाद उत्तराखंड में हुई पहली तेज बारिश राहत लेकर तो आई, लेकिन ऊधम सिंह नगर जिले में यह राहत कुछ ही घंटों में लोगों के लिए आफत बन गई। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी पहली ही बारिश में सटीक साबित हुई। बाजपुर और रुद्रपुर समेत कई इलाकों में जलभराव ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। घरों, स्कूलों और सड़कों पर पानी भर गया, जबकि बाजपुर में तेज बहाव के बीच एक ट्रैक्टर भी पानी में बह गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
सबसे गंभीर स्थिति बाजपुर क्षेत्र के चकरपुर गांव और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में देखने को मिली। कुछ ही घंटों की बारिश में विद्यालय परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। डाइनिंग हॉल, छात्रावास, कक्षाओं और स्टोर रूम तक पानी पहुंचने से स्कूल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। अचानक बने हालात से छात्राओं और विद्यालय प्रशासन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
विद्यालय की अध्यापिका अनीता शर्मा ने बताया कि स्कूल के निचले हिस्से में बने सभी कमरों में पानी भर गया है। छात्रावास, डाइनिंग हॉल और स्टोर तक पानी पहुंचने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं। पानी पूरी तरह निकलने तक छात्राओं की दिनचर्या सामान्य होना मुश्किल है।
उधर, चकरपुर गांव के ग्रामीणों ने जलभराव के लिए पुल निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान प्राकृतिक जल निकासी का रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे बारिश का पूरा पानी गांव की ओर मुड़ गया। परिणामस्वरूप कई घरों में गंदा पानी घुस गया और लोगों को रातभर भारी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून की पहली बारिश में ही ऐसे हालात बन गए हैं तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
बारिश के दौरान बाजपुर क्षेत्र में तेज बहाव इतना अधिक था कि एक ट्रैक्टर पानी में बह गया। हालांकि समय रहते चालक सुरक्षित निकल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने बारिश के दौरान बने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया।
जिला मुख्यालय रुद्रपुर के जफरपुर इलाके में भी जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया और लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।
मामले में एसडीएम बाजपुर अमृता शर्मा ने बताया कि पुल निर्माण के कारण पानी का रुख गांव की ओर हो गया था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जल निकासी के साथ राहत कार्य शुरू कराया गया। करीब तीन घंटे के भीतर स्थिति काफी हद तक सामान्य कर दी गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।



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