नहीं होंगे कोई मांगलिक कार्य, खरमास के दौरान भूलकर भी न करें ये काम

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू शास्त्रों में किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को शुभ मुहूर्त में करने की परंपरा है. बता दें कि देवउत्थान एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हुई थी और 15 दिसंबर के बाद इस पर रोक लगने वाली है। दरअसल, बता दें कि 16 दिसंबर से खरमास की शुरुआत होने वाली है और 14 जनवरी तक खरमास माह रहेगा। सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास की शुरुआत होती है। जानें इस माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

बता दें कि खरमास के दौरान शादी-विवाह, मुंडन, छेदन, वधू प्रवेश, षोडश महादान, शिशु संस्कार, आदि मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। पूरे एक माह तक इन कार्यों पर रोक रहने के बाद मकर संक्रांति के दिन से ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। जानें कब से कब है खरमास 2023।

कब से शुरू हो रहा है खरमास का महीना 2023
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2023 दोपहर 03 बजकर 47 मिनट पर सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ ही खरमास माह की शुरुआत हो जाएगी। बता दें कि खरमास 15 जनवरी मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगा। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

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खरमास में क्या करें

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खरमास माह में सत्नारायण भगवान की कथा सुननी या पढ़नी चाहिए। इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
  • मान्यता है कि इन दिनों में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने से जीवन में व्यक्ति को कभी भी आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
  • कहते हैं कि अगर कुंडली में गुरु बृहस्पति की स्थिति खराब है, तो खरमास के दौरान पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ होता है। इसके साथ ही गुरुवार को पीले रंग की वस्तुओं का दान करें।
  • रोजाना सूर्य को अर्घ्य देना लाभकारी माना जाता है। एक तांबे के लोटे में जल, अक्षत, लाल फूल और सिंदूर डाल लें और सूर्य को अर्घ्य दें। इससे व्यक्ति के जीवन में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
  • खरमास के दौरान दान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में इस अवधि में ज्यादा से ज्यादा वस्त्र, अनाज, गर्म कपड़े, आदि का दान करें।
  • खरमास के दौरान भगवान विष्णु को केले, मौसमी फल, पंचामृत, तुलसी आदि का दान करें।
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खरमास के दौरान क्या न करें

  • शास्त्रों के अनुसार खरमास माह में किसी भी तरह के मांगलिक कार्य जैसे शादी, विवाह, आदि नहीं करने चाहिए। क्योंकि इस दौरान की गई शादी से व्यक्ति के दांपत्य जीवन में कभी खुशियां नहीं आती।
  • सूर्य के धनु में प्रवेश करने से अग्नि तत्व में वृद्धि होती है। ऐसे में इस दौरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, आदि जैसे कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए।
  • खरमास के दौरान किसी भी प्रकार के भवन निर्माण का कार्य शुरू करने से परहेज करें। अगर खरमास से पहले ही शुरू करवा चुके हैं, तो निर्माण करवाया जा सकता है।
  • खरमास के दौरान नया घर, संपत्ति, वाहन आदि खरीदने से भी बचें। ऐसा करने से व्यक्ति को अशुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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