ये खाद्य हैं बीज, जिनको हम बेकार समझकर फेंक देते हैं, आइए जानते हैं इनके फायदे के बारे में

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। भाग-दौड़ और व्यस्त जीवन शैली में अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना बहुत ज़रूरी है, जिसे हम आमतौर पर अनदेखा करते रहते हैं। सभी के लिए बेहद जरूरी है कि वे पोषक तत्वों से भरपूर आहार खाएं। इसके लिए अपनी थाली में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें, जिनमें सभी प्रकार के मिनरल्स, विटामिंस, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम आदि मौजूद हों। अगर थोड़ा सा भी ध्यान देंगे तो पता चल जाएगा कि इस तरह के पोषण देने वाले सभी खाद्य पदार्थ हमारे आसपास ही मौजूद हैं। ये खाद्य हैं बीज, जिनको हम बेकार समझकर फेंक देते हैं। ये बीज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। जानिए उनके बारे में।
सीड्स क्या है –
ये बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर बहुत सी बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। अलसी, कौन्च, कद्दू, सरसों, सूरजमुखी, कटहल, खरबूजा, खसखस, चिया, सेब, तुलसी, धनिया, इमली, लीची, तरबूज, मेथी, खीरा, अनार, सब्जा, कलौंजी, तिल, हलीम, अंगूर और पपीता आदि के बीज स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें से कुछ बीजों का इस्तेमाल मिठाइयों में तो कुछ को अपनी रोजाना की डाइट में मसालो के रूप में कर सकते हैं। इनमें से कुछ बीज बेहद आसानी से उपलब्ध हैं और उनको अपने जीवन में शामिल कर आप निरोग रह सकते हैं।
कद्दू के बीज
कद्दूूू के बीज में फॉलिक एसिड और विटामिन-बी बहुतायत मात्रा में होता है। इसके अलावा कद्दू के बीज के फायदे, मूड स्विंग और शुगर जैसी बीमारियों में भी होता है। कद्दू के बीजों को रोस्ट कर भोजन में शामिल करें।
टहल के बीज
हम में से बहुत कम लोग कटहल की सब्जी या कटहल खाना पसंद करते हैं। शायद आपको नहीं मालूम होगा कि कटहल के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और भूख बढ़ाते हैं।
तरबूज के बीज
तरबूज के बीज पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इनका सेवन झुर्रियों की समस्या और मधुमेह जैसी बीमारी को खत्म करता है। अगर तरबूज के बीजों को छीलकर खाली पेट खाया जाए तो वजन करने में भी मदद मिलती है। तरबूज के बीज काजू जैसे ड्राई फ्रूट का सस्ता विकल्प है।
अंगूर के बीज
इसके बीजों में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई और एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। इससे डायबिटीज जैसी बीमारी में काफी फायदा पहुंचता है।
अनार के बीज
ये अपने एंटी कैंसर और एंटीऑक्सीडेंट क्वॉलिटी के कारण बहुत उपयोगी माने जाते हैं। अनार के बीजों का सेवन सलाद के तौर पर किया जा सकता है।
अलसी के बीज
अपने औषधीय गुणों के कारण अलसी के बीज हर उम्र के व्यक्ति के लिए लाभदायक हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा 3 और फैटी एसिड जैसे सभी आवश्यक तत्व मौजूद हैं। इनका सेवन रजनोवृति, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण, कैंसर रोकने, शुगर नियंत्रण, मांसपेशियों को मजबूत करने आदि में सहायक है।
सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई, विटामिन ए, विटामिन डी, जस्ता, आयरन, सेलेनियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कॉपर जैसे खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन बीजों का सेवन दिल के रोगी के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा इससे वजन भी कंट्रोल में रहता है।
चिया के बीज
चिया के बीज प्रोटीन, फैट्स, ओमेगा 3 और फाइबर जैसे पोषक तत्त्वों का भंडार हैं। ये बीज सूजन नियंत्रण, मजबूत नर्वस सिस्टम, मजबूत हड्डियों, कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण, पाचन क्रिया नियंत्रण, वजन कम करना, शरीर का तापमान मेंटेन रखना आदि में सहायक हैं।
इमली के बीज
इमली खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, उसके बीज भी उतने ही फायदेमंद हैं। शायद आपको मालूम नहीं होगा कि इमली के बीज भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इनका प्रयोग मधुमेह को रोकने, पाचन क्रिया ठीक करने, कैंसर रोकने, दांतों की मज़बूती, गठिया का इलाज करने आदि के लिए किया जाता है।
मेथी के बीज
मेथी के बीज हर भारतीय रसोई में पाए जाते हैं। इनका प्रयोग मसाले के रूप में किया जाता है। इनमें मौजूद लेसिथीन तत्व मस्तिष्क की कमजोरी को दूर करता है। ये बीज कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज को कंट्रोल करने, त्वचा के दाग-धब्बे मिटाने और दिल की बीमारियों के उपचार के लिए बेहतरीन औषधि माने जाते हैं।
कलौंजी के बीज
कलौंजी के बीज का इस्तेमाल मसालों के रूप में किया जाता है। इनमें आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, फाइबर, मिनरल्स, अमीनो एसिड और प्रोटीन काफी मात्रा में होते हैं। कलौंजी रक्तचाप को कम करने और कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने के लिए एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में इस्तेमाल की जाती है।
तिल के बीज
तिल के बीज मैंगनीज, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, फाइबर, फॉस्फोरस, प्रोटीन, विटामिन और थियामीन से समृद्ध हैं। इनके सेवन से हाइपरटेंशन और शुगर कंट्रोल होती है और डाइजेशन सही रहता है। ये एंटी-कैंसरस होते हैं और तनाव से मुक्ति दिलाते हैं।
सीड्स खाने के फायदे –
बीजों का इस्तेमाल करने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। जानिए उनके बारे में।
मजबूत इम्यून सिस्टम –
अगर बीजों के फायदों के बारे में बात की जाए तो ये हमारी इम्युनिटी को मजबूत करते हैं। उदाहरण के लिए अलस, चिया, सूरजमुखी, कद्दू और तिल के बीज आसानी से उपलब्ध हैं और इम्यून सिस्टम को मज़बूत करते हैं। अधिकांश बीजों में जिंक और सेलेनियम मौजूद होता है, जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम स्वस्थ रहते हैं।
पाचन सही करें
लगभग सारे बीज फाइबर युक्त होते हैं। इनका सेवन पेरीस्टैल्सिस मोशन (च्मतेपेजंसजपे डवजपवद), जो कि आंतों से संबंधित है, के लिए लाभदायक है।
दिल का रखे ध्यान
सभी बीजों में फैटी एसिड-ओमेगा 3 होता है। इससे कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है और सूजन कम होती है। अत्यधिक फाइबर वाले बीज हैं- अलसी, भांग, चिया आदि ।
हड्डियों का विकास
स्वस्थ शरीर के लिए फॉस्फोरस, कैल्शियम, सेलेनियम, कॉपर और जिंक जैसे खनिज पदार्थों की जरूरत होती है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां दूर होती हैं। इस तरह के तत्व अधिकतर तिल, चिया और कद्दू के बीजों में ही पाए जाते हैं।
कैंसर-रोधी
बीजों में फाइटोकेमिकल्स, फिनोलिक एसिड, लिग्नांस, ओमेगा-3, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये हमारे तनाव व क्रोनिक बीमारी की रोकथाम करते हैं। इसमें कटहल और सूरजमुखी के बीज खासतौर पर फायदा पहुंचाते हैं।
शुगर होगी कंट्रोल
बीजों में मौजूद फाइबर से टाइप टू डायबिटीज कंट्रोल होती है।
सर्दी-जुकाम

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सर्दी-जुखाम और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारी में भी इन बीजों का सेवन फायदेमंद होता है। अलसी, कद्दू और तिल के बीज बीज एंटी इंफ्लेमेट्री और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। सर्दी-जुकाम होने पर इन बीजों को उबालकर इनकी चाय बना लें। उबालने के बाद इन्हें छान लें, थोड़ा ठंडा होने पर तीन चम्मच शहद और नींबू का रस मिलाकर पिएं।
कोलेस्ट्रॉल करे कंट्रोल
हेल्थ की बात हो और बीजों का नाम न आए, ऐसा कैसे हो सकता है। ये बीज शरीर के हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं।
जोड़ों के दर्द
आज-कल हर उम्र के लोगों में हड्डियों की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में इन बीजों का सेवन काफी हद तक इस समस्या को कंट्रोल कर सकता है। जोड़ों में दर्द रहने की अवस्था में अलसी के बीज काफी मददगार साबित होते हैं। उन्हें उबालकर सरसों के तेल के साथ मिलाकर हाथों और पैरों की मालिश करने पर काफी आराम मिलता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है, जिससे गठिया की परेशानी कम होती है।
बेदम दमा
अस्थमा की परेशानी होने पर प्रदूषण, मौसमी बदलाव, धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचना चाहिए। इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अलसी और चिया सीड्स ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं और बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। सीड्स खाने के फायदे दमा के रोगियों को फायदा मिलता है।
सुपर सीड्स के नुकसान-
बीजों के अत्यधिक सेवन से पथरी, वॉटर रिटेंशन, पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक व्यक्ति को 20 से 35 ग्राम फाइबर का ही सेवन करना चाहिए।
बालों के लिए सुपर सीड्स के फायदे –

अगर आपके बाल रूखे और बेजान हो रहे हैं तो अब केमिकल प्रोडक्ट्स के बजाय बीजों का सेवन भी उनकी सेहत का खास ख्याल रख सकता है।
लंबे बालों के लिए
बीजों का प्रयोग बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। बालों की लंबाई बढ़ाना चाहते हैं तो केमिकल युक्त शैंपू का प्रयोग न करें और घरेलू नुस्खे आज़माएं। बालों के लिए सुपर फूड कही जाने वाली अलसी का प्रयोग करना फायदेमंद साबित होगा।
कमजोर बालों के लिए
लगभग सभी बीजों में मौजूद ओमेगा 3 बालों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे बालों का स्कैल्प और फॉलिकल्स मजबूत होते हैं, बालों के झड़ने और स्प्लिट एंड्स की समस्या दूर होती है व बाल मजबूत होते हैं। इससे बालों की ग्रोथ भी बेहतर और फास्ट हो जाती है।
स्किन के लिए सुपर सीड्स के फायदे –
भागम-भाग वाली जिंदगी में चेहरे का रंग बेनूर हो जाना आम बात है। अगर डाइट का ध्यान रखा जाए और उसमें बीजों का सेवन बढ़ा दिया जाए तो चमत्कारी लाभ मिलता है। यही नहीं, बीजों से बने फेस पैक चेहरे की सुंदरता में काया-पलट बदलाव लाते हैं। आइए देखते हैं।
चमकदार त्वचा
कुछ बीजों में मौजूद विटामिन सी त्वचा के रंग को निखारने और उसको चमक प्रदान करने में सहायक साबित होता है। मेथी, तिल और खीरे के बीज में विटामिन सी पाया जाता है। इन बीजों को भिगो कर रखने के बाद इनका पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। कई बार स्किन पर काफी चिकनाई उभर आती है। तेल और धूल-मिट्टी को हटाने के लिए आप इन बीजों को भिगोने में प्रयोग किए गए शेष पानी का उपयोग भी कर सकते हैं।
स्क्रब बनाएं
सूर्य की तेज रोशनी और प्रदूषण के कारण हमारे चेहरे पर झांइयां और दाग-धब्बे पड़ जाते हैं। दाग-धब्बों को नियमित रूप से स्क्रब के द्वारा साफ कर सकते हैं।

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