केदारनाथ हाईवे पर फिर आफत! उफनते गदेरे ने हाईवे पर बरसाया मलबा, कई वाहन दबे, बाल-बाल बचे यात्री

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समाचार सच, रुद्रप्रयाग।
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच रुद्रप्रयाग जिले में एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। बुधवार देर रात केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा स्थित स्मार्ट शौचालय के समीप अचानक एक गदेरा उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में पानी, बोल्डर और मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन मलबे में दब गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में गदेरे का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और देखते ही देखते मलबे का विशाल ढेर सड़क पर जमा हो गया। उस समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालक और यात्री किसी तरह वाहन छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरी रात क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए प्रभावित वाहनों को सुरक्षित निकालने और राजमार्ग से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया। फिलहाल मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास जारी हैं।

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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के कारण तिलवाड़ा क्षेत्र में गदेरा उफान पर आने से केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर तैनात हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

उधर, मौसम विभाग ने 6 अगस्त को भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए बागेश्वर, चमोली, पौड़ी और देहरादून जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

मानसून के दौरान केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन और गदेरों के उफान ने यात्रा को जोखिमभरा बना दिया है। स्थानीय लोगों ने संवेदनशील गदेरों के स्थायी उपचार, सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की मांग की है।

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