भांग का नशा उतारने के आजमा सकते हैं ये अचूक घरेलू उपाय

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। शिवरात्रि, महाशिवरात्रि, होली और रंगपंचमी के दिन अक्सर लोग भांग पीते हैं। भांग पीने के बाद भले ही आपका आनंद बढ़ जाए, लेकिन दिमागी क्षमता कम हो सकती है। कई बार इसका नशा जब सिर पर चढ़ता है तो व्यक्ति पागल जैसी हरकते करने लगता है। उसे नींद आती है लेकिन वह सो नहीं सकता है क्योंकि बहुत बैचेनी और घबराहट होने लगती है। भांग का नशा उतारने के घरेलू उपाय आजमा सकते हैं, लेकिन ज्यादा चढ़ गई है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

खटाई
भांग उतारने के लिए खटाई का सेवन करना सबसे बेहतर तरीका है। इसके लिए आप नींबू, छाछ, दही या फिर इमली का पना बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। बेशक इन तरीकों से भांग का नशा उतर जाएगा।

यह भी पढ़ें -   शनि का दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य ग्रह बाधाएं शांत हो जाती शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से


गुनगुना पानी
अगर भांग पीने के बाद बहुत अधिघ्क नशा होने से व्यक्ति बेहोशी में हो, तो सरसों का तेल हल्का गुनगुना करके संबंधित व्यक्ति के कान में डाल दें। एक-दो बूंद सरसों का तेल दोनों कानों में डालें

शुद्ध घी
कई लोग घी के सेवन को भी भांग के इलाज के तौर पर प्रयोग करते हैं। इसके लिए शुद्ध देशी घी का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है, ताकि भांग का नशा उतरने में आसानी हो।

अरहर की दाल
अरहर की कच्ची दाल कर प्रयोग भी भांग उतारने में काफी मददगार है। इसके लिए अरहर की कच्ची दाल को पीसकर पानी के साथ संबंधिघ्त व्यक्ति को दें या फिर इसे पानी से साथ पीसकर पिलाएं।

चने
भुने हुए चने और संतरे का सेवन, भांग का नशा कम करने का एक बढ़िया विकल्प है। इसके अलावा बगैर शक्कर या नमक डला हुआ नींबू पानी 4 से 5 बार पिलाने पर भांग का नशा उतर जाएगा।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंडः आज फिर बदलेगा मौसम, पहाड़ों से मैदान तक बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, रहे सर्तक

क्या होता है भांग पीने से –

  • भांग की वजह से दिल की धड़कन व ब्लडप्रेशर बढ़ सकता है जिससे कि मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है
  • बहुत ज्यादा भांग लेने वालों में इसके उल्टे परिणाम के तौर पर दिमागी हालत गड़बड़ाना और क्रॉनिक सिजोफ्रेनिया जैसी समस्याएं होती हैं, भले ही कुछ लोग इसे लेना बंद कर दें।
  • भांग लेने वाले कुछ लोगों की दिमागी स्थिति अतिसंवेदनशील हो सकती है और इससे खतरे में पलटाव उन लोगों में बढ़ जाता है, जो पहले से ही इस तरह की समस्या के शिकार हों और यह उन लोगों में कहीं ज्यादा होने की संभावना होती है, जो सिजोफ्रेनिया से ग्रसित होते हैं।
  • भांग दिमागी हालत की समस्या वालों में और इसकी गिरफ्त में आने यानी दोनों के लिए ही घातक है।
Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440