तीन दिन बाद हुई अज्ञात शव की पहचान, टूटा मोबाइल बना सुराग; हिमाचल के बुजुर्ग का शव गंगनहर में मिला

खबर शेयर करें

समाचार सच, हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र में गंगनहर से बरामद अज्ञात बुजुर्ग के शव की पहचान करने में पुलिस को तीन दिन लग गए। आखिरकार मृतक की जेब से मिले पुराने और क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन ने पुलिस को परिजनों तक पहुंचा दिया। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश निवासी 59 वर्षीय ताराचंद उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है, जो नौकरी की तलाश में घर से निकले थे।

चार मई को जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर से एक अज्ञात बुजुर्ग का शव बरामद हुआ था। सूचना मिलने पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन मृतक के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में आज बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

तलाशी के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से एक पुराना और टूटा हुआ मोबाइल फोन मिला, जिसमें सिम कार्ड मौजूद था। पुलिसकर्मियों ने सिम को सक्रिय कर जानकारी जुटाने की कोशिश की। शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन लगातार प्रयास के बाद दो दिन बाद उस नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने बताया कि यह नंबर बिट्टू नाम के व्यक्ति का है, जो उसके यहां कारपेंटर का काम करता था।

इसके बाद पुलिस को मृतक के परिजनों का संपर्क नंबर मिला। मृतक की पुत्री हंसा देवी निवासी बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ने फोन पर बताया कि उनके पिता ताराचंद उर्फ बिट्टू पिछले कई दिनों से लापता थे और नौकरी की तलाश में घर से निकले थे। पुलिस ने व्हाट्सएप के माध्यम से शव की फोटो भेजी, जिसे देखकर परिजनों ने उनकी पहचान की पुष्टि की।

यह भी पढ़ें -   औषधीय गुणों से भरपूर है तुकमलंगा बीज, शरीर में भर देता है ताकत, मोटापा समेत कई रोगों को दूर करता है

गुरुवार को मृतक का पुत्र नवीन कुमार और अन्य परिजन हरिद्वार पहुंचे। मोर्चरी में शव देखने के बाद उन्होंने मृतक की पहचान ताराचंद उर्फ बिट्टू पुत्र भगत राम निवासी राजगढ़, जिला मंडी हिमाचल प्रदेश के रूप में की। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में पुलिस मुख्यालय द्वारा अज्ञात शवों की पहचान के लिए जारी एसओपी के तहत ज्वालापुर पुलिस ने लगातार प्रयास कर इस मामले का खुलासा किया। परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशीलता और मेहनत के लिए आभार जताया। वहीं, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440