यूरिक एसिड में गठिया या जोड़ों में दर्द जैसी समस्या पैदा होती है, सही खानपान से इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। इस समय यूरिक एसिड की समस्या आम होने वाली हैल्थ प्रॉब्लम्स है लेकिन ये समस्या अगर कंट्रोल ना हो तो आगे चलकर और कई तरह की प्रॉब्लम्स बनाती है जैसे जोड़ों में दर्द और गठिया। शरीर में यूरिक एसिड तब बढ़ता है जब प्यूरिन नामक तत्व अधिक मात्रा में टूटकर यूरिक एसिड बनाता है। जब किडनी इसे पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह खून में बढ़ जाता है और गठिया या जोड़ों में दर्द जैसी समस्या पैदा करता है। सही खानपान से इसे नियंत्रण में रखा जा सकता है।

यूरिक एसिड में क्या खाएं
कम पुरिन वाले फल और सब्जियां

  • खीरा, टमाटर, तोरी, लौकी, परवल, पालक (कम मात्रा में)
    फ्रूट्स- सेब, अमरूद, चेरी, संतरा, पपीता, केला चेरी यूरिक एसिड कम करने में बहुत असरदार मानी जाती है।
यह भी पढ़ें -   17 जून 2026 बुधवार का पंचांग, जानिए राशिफल में आज का दिन आपका कैसा रहेगा

ज्यादा पानी पिएं
दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।
पानी यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।
लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स
टोंड दूध, दही, छाछ
कैल्शियम और प्रोटीन के साथ यह शरीर में यूरिक एसिड को कम करने में मदद करते हैं।
होल ग्रेन्स और फाइबर युक्त भोजन
ओट्स, जौ, ब्राउन राइस, दलिया
फाइबर यूरिक एसिड को अवशोषित करने में मदद करता है।
ग्रीन टी और नींबू पानी
ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो यूरिक एसिड लेवल घटाने में सहायक हैं। नींबू का रस शरीर को अल्कलाइन बनाता है जिससे एसिड घटता है।

यूरिक एसिड में क्या खाएं
रेड मीट और अंग मांस
लीवर, किडनी, मटन, बीफ, चिकन लेग पीस आदि में पुरिन बहुत अधिक होता है। ये यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाते हैं।

यह भी पढ़ें -   वन्यजीवों के लिए देवदूत बने डॉ. आशुतोष पन्त, टांडा जंगल में बनवाईं 20 जल हौदियां, अब लगाएंगे फलदार पेड़

सीफूड और मछली
सार्डिन, ऐंकोवी, ट्यूना, सैलमन जैसी मछलियों से परहेज करें।

शराब और बीयर
बीयर में पुरिन होता है और अल्कोहल किडनी की क्षमता घटाता है। इससे यूरिक एसिड शरीर में जमा होता है।

मीठे और प्रोसेस्ड फूड
कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस, कैंडी, केक, और बेकरी आइटम से बचें। इनमें फ्रुक्टोज सिरप होता है जो यूरिक एसिड को बढ़ाता है।

उच्च पुरिन वाले दालें और सब्जियां

मसूर, राजमा, छोले, मटर, और अरबी सप्ताह में 1-2 बार ही खाएं या डॉक्टर की सलाह लें।

इसके साथ ये बातें भी ध्यान में रखें

  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • रोज़ाना हल्की एक्सरसाइज करें।
  • दर्द होने पर ठंडे पानी की सेंक करें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां नियमित लें

ध्यान दें – अगर जोड़ों में सूजन, अंगुलियों में तेज दर्द, या चलने में तकलीफ हो तो यह गाउट का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440