Uttarakhand: ED का एक्शन मोड: पेड़ कटान घोटाले में पूर्व DFO और पत्नी पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस, स्टोन क्रशर व NGO भी घेरे में!

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समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित पाखरो रेंज अवैध पेड़ कटान मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विजिलेंस और सीबीआई जांच के बाद अब ED ने पूर्व DFO किशनचंद, उनकी पत्नी और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दायर कर दी है। यह चार्जशीट विशेष पीएमएलए कोर्ट में दाखिल की गई है और मामले की अगली सुनवाई 23 मई को तय है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि इस घोटाले में न केवल सरकारी पद का दुरुपयोग हुआ, बल्कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए NGO और स्टोन क्रशर कंपनी का इस्तेमाल भी किया गया। चार्जशीट में किशनचंद के साथ उनकी पत्नी बृज रानी (उर्फ राज रानी), युगेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह, कमलेंद्र सिंह, मैसर्स कुमार स्टोन क्रशर और बृज फाउंडेशन को नामजद किया गया है।

क्या है मामला?
साल 2022 में पाखरो रेंज में अवैध पेड़ों की कटाई और नियमों की अनदेखी के चलते विजिलेंस ने किशनचंद समेत कई अधिकारियों पर केस दर्ज किया था। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा और सितंबर 2023 में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

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सीबीआई ने जांच के बाद 5 अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी थी। इसी बीच ईडी ने भी धन शोधन के एंगल से जांच शुरू की और करीब दो साल की मेहनत के बाद संपत्ति और लेन-देन की परतें खोलकर अब कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया है।

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ईडी के मुताबिक, बृज फाउंडेशन एक मुखौटा संस्था के तौर पर इस्तेमाल की गई, जो सीधे तौर पर किशनचंद और उनकी पत्नी से जुड़ी हुई है।

अब सबकी निगाहें 23 मई को होने वाली कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगला बड़ा एक्शन किस पर होता है।

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