उत्तराखण्डः 25 लाख हड़पने के लिए भांजे और मामा ने की रिटायर्ड कर्मी की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

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देवबंद में इलाज के बहाने ले जाकर की हत्या, शव नहर में फेंका, 13 लाख ट्रांसफर कर बनाए एफडी और चेक


समाचार सच, देहरादून। यहां पुलिस ने खनन विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी जगदीश की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने उनके भांजे और मामा को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 25 लाख रुपये हड़पने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.80 लाख रुपये, एक चेक और पांच लाख रुपये की एफडी बरामद की है।

इलाज के बहाने ले गए और हत्या कर शव नहर में फेंका
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहित त्यागी और उसके मामा प्रवीण त्यागी ने पहले विश्वास जीतकर जगदीश को कैंसर के इलाज के लिए सहारनपुर के देवबंद ले जाने की योजना बनाई। 4 फरवरी को मोहित जगदीश को कार से देवबंद ले गया, जहां 5 फरवरी को मामा-भांजे ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और शव को देवबंद की नहर में फेंक दिया।

ऑनलाइन ठगी से खाते से उड़ाए 13 लाख
हत्या के बाद, मोहित अकेले देहरादून लौटा और जगदीश का सिम निकालकर अपने मोबाइल में डाल लिया। आधार कार्ड से लिंक कर यूपीआई आईडी बनाई और फोन पे के जरिए 13 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। कुछ पैसे मामा को दिए और कुछ की एफडी करा दी।

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बैंक खाते ने खोला राज, ऐसे पकड़े गए आरोपी
6 मार्च को जगदीश के भतीजे संजय कुमार ने रायपुर थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच में पाया कि जगदीश के पीएनबी बैंक खाते से यूपीआई के जरिए मोहित त्यागी के खाते में पैसे ट्रांसफर हो रहे थे। पुलिस को शक हुआ क्योंकि जगदीश स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते थे। जांच आगे बढ़ी, तो मोहित टूट गया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

गिरफ्तारी और बरामदगी
देहरादून पुलिस ने मोहित को गिरफ्तार कर उसके पास से 3.50 लाख रुपये, चेक और एफडी बरामद की। वहीं, मामा प्रवीण त्यागी को सहारनपुर से पकड़ा गया, जिसके पास से 1.80 लाख रुपये और पांच लाख रुपये की एफडी मिली।

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एसएसपी अजय सिंह ने दी जानकारीः
आरोपियों ने 25 लाख रुपये हड़पने के लिए पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

हत्या का मकसदः
मोहित को पता चला कि जगदीश अविवाहित हैं, उनका कोई नजदीकी रिश्तेदार नहीं है और उनके खाते में 25 लाख रुपये जमा हैं। लालच में आकर उसने अपने मामा के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे अपराध
इस मामले ने एक बार फिर भरोसे की आड़ में होने वाले अपराधों को उजागर किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वित्तीय मामलों की जानकारी अजनबियों से साझा न करें और सतर्क रहें।

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