लॉकडाउन-4 का उल्लंघन करना पड़ सकता है मंहगा

खबर शेयर करें

उत्तराखण्ड में तोड़ा नियम तो देना होगा जुर्माना, हो सकती है जेल

समाचार सच, हल्द्वानी/देहरादून। देश में लॉकडाउन-4 की शुरूआत हो चुकी है। अब उत्तराखण्ड में लोंगों को लॉकडाउन-4 का उल्लंघन करना मंहगा पड़ सकता हैं। अगर अब लॉकडाउन का नियम तोड़ा तो आर्थिम जुर्माने के साथ ही दो वर्ष की जेल तक हो सकती है।

ज्ञात हो कि लॉकडाउन को लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगातार गाइडलाइन और दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लेकिन कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के प्रति अभी भी लोग भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते नहीं दिख रहे हैं। केंद्र ने लॉकडाउन-4 में सख्त आदेश जारी करते हुए इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने और दंड का प्रविधान कर दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और केंद्र और राज्य सरकार के नियमों को न मानने पर एक वर्ष की सजा व अर्थदंड लग सकता है। कोरोना के संबंध में गलत जानकारी देने के मामले में भी एक वर्ष की सजा का प्रविधान है। इसके अलावा सरकार ने लॉकडाउन की गाइडलाइन का अनुपालन करने के लिए विभागों की भी जिम्मेदारी तय कर दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि गाइडलाइन का पालन न करने पर विभागाध्यक्ष इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कदम उठाया जाएगा।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखण्डः पत्नी से विवाद के बाद युवक की संदिग्ध मौत, छत के कमरे में मिला शव

कार्य में बाधा पहुंचाने या दिए गए कार्य को न करने के कारण अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो दंड की अवधि को दो वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। आर्थिक सहायता पाने, पुननिर्माण या किसी कार्य को दुरुस्त करने या मरम्मत के लिए गलत सूचना देने का दोषी माने जाने पर दो साल की सजा और अर्थदंड का प्रविधान किया गया है। शासन के द्वारा राहत कार्यों के लिए जारी किए जाने वाले फंड के दुरुपयोग पर भी दो साल की सजा और अर्थदंड का प्रविधान होगा।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440