कांच या शीशे का टूटना अशुभ है या शुभ, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं !

खबर शेयर करें

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। कांच या शीशे के चटकने और टूटने को लेकर तमाम मान्यताएं पुराने समय से चली आ रही हैं। कुछ लोग इन्हें सच मानकर इनके नियमों को फॉलो करते हैं, वहीं कुछ लोग इस तरह की बातों को फिजूल मानते हैं। यहां जानिए इन मान्यताओं को लेकर धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताओं के बारे में।

  • देखा जाए तो कांच का टूटना एक सामान्य घटना है, ठीक वैसे ही, जैसे असावधानी बरतने पर अन्य चीजें टूट जाती हैं, कांच भी एक वस्तु है जो टूट सकती है। लेकिन पुरानी मान्यताओं के अनुसार लोग कांच या शीशे के टूटने को अशुभ घटना मानते हैं और इसे आने वाले समय में बुरे समाचार से जोड़ते हैं।
  • लेकिन वास्तु के हिसाब से देखा जाए तो कांच या शीशे का टूटना अशुभ नहीं होता, बल्कि शुभ होता है। लेकिन टूटे कांच को घर में रखना जरूर अशुभ हो सकता है। यहां जानिए कांच और शीशे के टूटने को लेकर वास्तु शास्त्र में क्या कहा गया है और इस मामले में विज्ञान क्या कहता है?
यह भी पढ़ें -   आज का पंचांग एवं राशिफल: सप्तमी तिथि का पार्वण श्राद्ध आज, जानें 2 अक्टूबर 2026 का पंचांग और सभी 12 राशियों का हाल

शुभ होता है कांच या शीशे का टूटना
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर पर पड़ी कांच की कोई चीज या शीशा अगर किसी कारणवश टूट जाए, तो इसका मतलब है कि आपके घर पर कोई बड़ा संकट आने वाला था, जिसे कांच या शीशे ने अपने ऊपर लेघ् लिया है। यानी अब मुसीबत टल चुकी है और आपका परिवार सुरक्षित हो गया है। इसके अलावा अचानक कांच या शीशे के टूटने का मतलब ये भी होता है कि आपके घर का कोई पुराना मसला अब समाप्त हो गया है। कुछ लोग कांच को लोगों की सेहत से भी जोड़ते हैं, ऐसे में कांच का चटकना या टूटना सेहत ठीक होने का संकेत हो सकता है। इन सभी बातों पर गौर किया जाए तो कांच या शीशे का टूटना एक शुभ संकेत माना जाना चाहिए।

घर में रखना अशुभ
कांच का टूटना बेशक शुभ संकेत है, लेकिन टूटे या चटके कांच या शीशे को घर में रखना वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है। ठीक उसी तरह जैसे टूटे बर्तनों में भोजन न करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि टूटे कांच से सकारात्मक ऊर्जा का हृास होता है और घर में नकारात्मकता फैलने लगती है। ऐसे में तमाम परेशानियां घर में आती हैं। इसलिए अब कि बार घर में कभी अचानक से कांच टूट जाए तो बिना शोरशराबा किए, उस कांच को चुपचाप घर से बाहर फेंक दें।

यह भी पढ़ें -   हल्द्वानी में 3 अक्टूबर (कल) लगेगा निःशुल्क हेल्थ, आंख और दांत जांच शिविर, स्वास्थ्य जांच के लिए जरूर पहुंचे

क्यों माना गया अशुभ जानिए वैज्ञानिक वजह
कांच बहुत नाजुक होता है और शुरुआती समय में इसे दूर देशों से मंगाया जाता था। तब ये बहुत महंगा हुआ करता था। इसकी उपलब्धता के लिए काफी रकम खर्च करनी होती थी और इसे मंगाने में समय भी अधिक लगतंा था। ऐसे में कांच को लोग संभालकर रखें और इसकी देखरेख में सावधानी बरतें, इसलिए इसके टूटने को लेकर तमाम तथ्यों को धर्म और सेहत से जोड़ दिया गया। चूंकि धर्म को लेकर लोगों के मन में हमेशा से ही आस्था रही है और सेहत के प्रति तब लोग काफी सजग हुआ करते थे, इसलिए वे इन तथ्यों में विश्वास करने लगे और समय के साथ ये विश्वास और मजबूत हो गया। (साभार)

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440