क्यों शनिदेव की मूर्ति के ठीक सामने खड़े होकर पूजा नहीं करते आइए जानते हैं इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त शनिदेव मंदिर पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। अब आने वाला शनिवार और भी खास है क्योंकि इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी। 16 मई को शनि जयंती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करने पर शनि दोष, जिंदगी की परेशानियां और हर तरह के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं। शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है जो सभी को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। यही वजह है कि शनि जयंती पर लोग पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। अगर आपने ध्यान दिया हो तो देखा होगा कि अधिकतर लोग शनिदेव की मूर्ति के ठीक सामने खड़े होकर पूजा नहीं करते। क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे क्या कारण है? आइए जानते हैं इसके बारे में।

शनिदेव की आंख में ना देखने की मान्यता
दरअसल शनिदेव की मूर्ति के आगे खड़े होकर पूजा इसलिए नहीं की जाती है क्योंकि उनकी आंखों में ना देखने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिदेव की दृष्टि को काफी पावरफुल माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी सीधी नजर किसी भी व्यक्ति की जिंदगी पर गहरा असर डाल सकती है। इसी वजह से लोग शनिदेव की मूर्ति के सामने सीधे खड़े होने से बचते हैं। ऐसे में लोग शनिदेव की मूर्ति से थोड़ा साइड में खड़े होकर उनकी पूजा करते हैं। मान्यता यह भी है कि शनिदेव अपने भक्तों को कष्ट नहीं देना चाहते, इसलिए उनकी पूजा विनम्रता और श्रद्धा के साथ करनी चाहिए। मान्यता है कि सीधे सामने खड़े होकर शनिदेव की आंखों में देखना सही नहीं माना जाता है क्योंकि ये अंहकार का प्रतीक है।

पौराणिक कथाओं में क्या है जिक्र?
पौराणिक कथाओं के अनुसार शनिदेव की दृष्टि इतनी ज्यादा पावरफुल थी कि जिस किसी पर भी उनकी सीधी नजर पड़ती थी उसकी जिंदगी में किसी ना किसी तरह का बदलाव जरूर आता था। यही वजह थी कि शनिदेव खुद भी अपनी दृष्टि को लेकर सावधान रहते थे। ऐसे में उनकी पूजा करते समय लोग थोड़ा झुककर या साइड में खड़े होते हैं।

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पूजा करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा के लिए मंदिर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं? तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। पूजा के दौरान सरसों के तेल का दीया जलाएं। इसके बाद शनिदेव को काले तिल अर्पित करें। बाद में ऊँ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें। इसी के साथ जरूरतमंद लोगों को कुछ ना कुछ जरूर दान करें। माना जाता है कि ऐसा करने से शनिदेव की दयादृष्टि जरूर पड़ती है। सच्चे मन से की गई पूजा और अच्छे कर्मों से शनिदेव प्रसन्न होकर सारे कष्ट कम कर देते हैं।

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