समाचार सच, देहरादून। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य ने आईएएस अधिकारी से विवाद के मामले में घोषित की गई जांच पर सवाल उठाए हैं। रेखा आर्य ने कहा कि पहला सवाल तो यही है कि क्या एक आईएएस दूसरे आईएएस की जांच कर पाएगा? उन्होंने यह भी पूछा है कि जांच में अगर आईएएस दोषी पाया जाता है तो क्या कार्रवाई की जाएगी? रेखा आर्य के मुताबिक वे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से जांच के आदेश का स्वागत करती हैं। लेकिन इसमें एक सवाल है कि यह जांच कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। रेखा आर्य ने अपने विभागी अधिकारी के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी कि अधिकारी तीन दिन से गायब हैं। इस विवाद के तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे और एसीएस मनीषा पंवार को जांच अधिकारी बनाया था। रेखा आर्य ने इसी पर सवाल उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में वे अगर दोषी पाई जाती हैं तो वे सीएम या क्षेत्र की जनता की ओर से निर्धारित हर दंड को भुगतने के लिए तैयार हैं, वह इसे स्वीकार करेंगी।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सरकार से वेतन लेने वाले निष्क्रिय अफसर सबसे बड़े भ्रष्टाचारी हैं। वहीं उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि इस पूरे प्रकरण की वह किसी भी जांच एजेंसी से जांच के लिए तैयार हैं। सरकार चाहे तो देश की सबसे बड़ी एजेंसी से मामले की जांच कराएं और जो कोई भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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