264 आशाओं को काम पर वापस लेना आशाओं के आंदोलन की जीत: डॉ कैलाश पाण्डेय

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समाचार सच, हल्द्वानी। जिला चंपावत के सीएमओ द्वारा आशाओं को काम पर वापस लिया जाना आशाओं के आंदोलन की जीत है। यह बात ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महामंत्री डॉ कैलाश पाण्डेय ने कही। गौरतलब है कि चम्पावत की 264 आशाओं को अपने काम का दाम मांगने के कारण निकाल दिया गया था। जिसके पश्चात आशाओं ने राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया था।
उन्होंने कहा कि आशाओं के राज्यव्यापी आंदोलन के दबाव में चम्पावत की आशाओं को काम पर बहाल करने का आदेश जारी किया गया है। इस एकता और संघर्ष का जज़्बा दिखाने के लिए सभी आशाएँ बधाई की पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को कोरोना योद्धा आशाओं को दस हजार रुपए लॉकडाउन भत्ता देने की तत्काल घोषणा करनी चाहिए और बिना वेतन के काम कर रही आशाओं को मासिक वेतन देने की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आशाओं को जब तक मासिक वेतन नहीं मिलता तब तक अन्य स्कीम वर्करों की भांति उनको भी मासिक मानदेय दिया जाय। और लॉकडाउन भत्ता दस हजार रुपए पंद्रह दिन के भीतर आशाओं के खातों में डाला जाय अन्यथा की स्थिति में आशाओं को आंदोलन में उतरना पड़ेगा।

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