समाचार सच, ऋषिकेश। पंचायतराज विभाग की जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग का दोषी पाये जाने के बाद ग्राम पंचायत गढ़ी मयचक के पूर्व प्रधान जयेंद्र पाल सिंह रावत ने इसे क्षेत्रीय विधायक के दबाव में की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब निर्माण सामग्री खरीद के बिल में टिन नंबर ना पाए जाने पर मैं दोषी हूं तो विधायक निधि के निर्माण कार्यों के खरीदी गई सामग्री के कई बिल भी बिना टिन नंबर के हैं। तो उनके खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है।
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए रावत ने कहा कि प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, विधायक निधि के काम सामान्यतया एक जैसे होते हैं। ब्लाक मुख्यालय में उन्होंने सूचना के जरिये पता किया तो जानकारी मिली की विधायक निधि के एक करोड़ 24 लाख के बिल बिना टिन नंबर के हैं। विधायक निधि के कार्य सीडीओ के माध्यम से कराए जाते हैं तो फिर इस मामले में मेरे ही खिलाफ ही क्यों कार्रवाई हो रही है। पूर्व प्रधान ने कहा कि ग्राम पंचायत ने जो बेंच 4000 रुपये में खरीदी वही बेंच विधायक निधि से 8200 रुपये में खरीदी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमने ब्रांडेड कंपनी से स्ट्रीट लाइट खरीदी जो आज भी अच्छी स्थिति में है। विधायक निधि से यही लाइटें दोगुनी कीमत पर खरीदी गई है। मौके पर उपस्थित पूर्व मंत्री शूरवीर ङ्क्षसह सजवाण, एआइसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि विधायक निधि किसी विधायक की निजी संपत्ति नहीं होती है। यह जनता का पैसा है इसलिए इसके दुरुपयोग पर सवाल पूछना जनता का अधिकार है।



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