नकल और धर्मांतरण के बाद बीजेपी लायेगी सख्त भू कानूनः महेन्द्र भट्ट

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समाचार सच, देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भू कानून को लेकर स्पष्ट किया कि हमारी सरकार राज्य निर्माण की मूल अवधारणा के संरक्षण को लेकर कटिबद्ध है। उन्होंने राजनैतिक दलों के दुष्प्रचार से परहेज और धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि कठोरतम नकल निरोधक और धर्मांतरण कानून के बाद मूल निवासियों के हितधारक सख्त भू कानून भी भाजपा लायेगी।

भू कानून के मुद्दे को लेकर पूछे मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया जारी करते हुए श्री भट्ट ने कहा, भू कानून में समय समय पर हुए सुधारों, उनकी विसंगतियां एवं आवश्यक सुझावों को लेकर हमारी ही सरकार ने सेवानिवृत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाई थी। जिसकी रिपोर्ट सरकार को मिल गई है और वह उस पर गंभीरता से विचार कर रही है। जो ड्राफ्ट कमेटी ने सौंपा है उसके नीतिगत एवं तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण करना बेहद आवश्यक है। साथ ही रिपोर्ट के लीगल बिंदुओं को लेकर सलाह लेना भी जरूरी है ताकि भविष्य में इसे किसी तरह से चुनौती न मिल सके। इन तमाम विषयों को संज्ञान में लेते हुए इस ड्राफ्ट का परीक्षण पुख्ता कर मजबूत कानूनी प्रारूप तैयार करने के लिए ही उच्च स्तरीय प्रारूप कमेटी का गठन किया गया है। लिहाजा सभी सामाजिक, संस्थागत एवं व्यक्तिगत पक्षों को इस पूरे संवेदनशील विषय को लेकर धैर्य रखने की जरूरत है।

श्री भट्ट ने कहा, भाजपा सरकार प्रदेशवासियों के विचारों का प्रतिनिधित्व करती है और उनकी नीतियों में जनभावनाएं प्रतिविंबित भी होती है। यही वजह है कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए हमारी सरकार देश का सबसे कठोर नकल निरोधक कानून लेकर आई। राज्य की डेमोग्राफी एवं धार्मिक सांस्कृतिक पहचान पर हमला करने वालों की साजिश नाकाम करने के लिए हमने सख्त धर्मांतरण कानून लागू किया। उन्होंने दावा किया कि हमारी सरकार ही तय प्रक्रिया के बाद सख्त भू कानून भी लेकर लाएगी और उसे जमीन पर लागू भी करेगी।

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उन्होंने प्रस्तावित भू कानून आंदोलन को कांग्रेस के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनमानस को सरकार पर पूर्ण भरोसा है, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां भ्रम फैलाने में जुटी हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तंज किया कि जिन्होंने सत्ता में रहते न कभी अलग राज्य का समर्थन किया और न ही राज्य निर्माण के बाद उसके मूल विषयों पर काम किया। उनके पास ऐसे सभी आंदोलनों के समर्थन के अलावा कोई चारा नहीं है। वैसे भी वह पिछले दरवाजे उनकी पार्टी राज्य की छवि और माहौल खराब करने के षड्यंत्रों में लगातार लगे रहते हैं।

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