अग्निपथ योजना: हल्द्वानी महानगर में युवाओं ने लगाया राष्ट्रीय राज्य मार्ग में जाम, पुलिस ने की लाठीचार्ज

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समाचार सच, हल्द्वानी। भारतीय सेनाओं में चार साल की अवधि के लिए युवाओं की भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ओर से लांच किए गए ‘अग्निपथ’ योजना का देश में भारी विरोध हो रहा है। यहां महानगर हल्द्वानी शुक्रवार को सेना भर्ती में आए अग्निपथ योजना को लेकर हल्द्वानी में बवाल हो गया है। महानगर में जुलूस निकाल कर तिकोनिया में जाम लगाने का प्रयास किया गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मौके से दर्जनों युवाओं को हिरासत लिया लिया गया है।

अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार की सुबह कुमाऊं भर के 500 से अधिक युवा स्थानीय श्री रामलीला मैदान में एकत्र हुए। जहां से उन्होंने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस जैसे ही तिकोनिया चौराहे पर पहुंचा। तो प्रदर्शनकारियों ने नैनीताल हाइवे जाम लगा दिया। जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी लगा रहे थे। जब स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने युवाओं समझाने का प्रयास किया। लेकिन युवाओं ने उनकी एक ना सुनी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिससे वहां भगदड़ मच गयी। लाठीचार्ज से बचने के लिये प्रदर्शनकारी भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने हंगामा काट रहे दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
इस मौके पर तिकोनिया चौराहे में जाम लगाने से लोगों को फजीहतों का सामना करना पड़ा। इधर युवाओं के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्य मार्ग को पहले ही खाली करा लिया था। आने-जाने वाले वाहनों को गलियों से होकर भेजा जा रहा था। जिससे कि स्थिति समय रहते नियंत्रित हो सके।
एसपी क्राइम डा. जगदीश चन्द्र ने बताया युवाओं को समझाने का प्रयास किया गया। युवाओं को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इधर, युवाओ का कहना है सरकार अग्निपथ योजना शुरू कर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। साथ ही केन्द्र सरकार की यह योजना युवाओं के साथ विश्वासघात है। सरकार का इसे तत्काल वापस लेकर पुरानी व्यवस्था को ही बहाल रखना चाहिए। प्रदर्शनकारी का यह भी कहना था कि पूर्व में हुई सेना भर्ती की लिखित परीक्षा नहीं कराई जा रही है। हजारों युवा परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद लिखित परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। देश में बड़ी संख्या में बेरोजगारी की समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार इस तरह की योजना बना रही है।

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