राजौरी में शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को अल्मोड़ा ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

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समाचार सच, अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को सोमवार को उनके पैतृक गांव पांडेखोला में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के जवान मौजूद रहे। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया।

शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा लाया गया। यहां प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए विश्वनाथ घाट ले जाया गया।

विश्वनाथ घाट पर भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर और गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद अधिकारी को अंतिम सलामी दी। सैन्य परंपराओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, सैन्य अधिकारियों समेत कई गणमान्य लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि मात्र 25 वर्ष की आयु में राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने महज 25 वर्ष की उम्र में देश सेवा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकि माता सरस्वती देवी हवालबाग क्षेत्र में शिक्षिका हैं। शहीद के बड़े भाई भी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। बेटे की शहादत की खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।

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गौरतलब है कि 6 जून को राजौरी जिले में चलाए जा रहे काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन ‘ऑपरेशन शेरोवाली’ के दौरान मंजाकोट क्षेत्र के घने जंगलों में ड्यूटी निभाते समय लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी गहरी खाई में गिर गए थे। घायल अवस्था में उनका रेस्क्यू किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत पर आर्मी की व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और सैन्य अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनकी शहादत को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस का प्रतीक बताया।

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