समाचार सच, हल्द्वानी। भीम आर्मी ने सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण, निजी क्षेत्र में एससी-एसटी, ओबीसी व अल्पसंख्यकों को रोजगार देने, अस्थाई सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने के साथ ही किसान विरोधी बिल को वापस लेने की मांग उठाई है। इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। भीम आर्मी के कुमाऊ मंडल अध्यक्ष सिराज अहमद के नेतृत्व में विभिन्न मांगों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता गुरुवार को बुद्धपार्क में धरने पर बैठे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। उनका कहना था के केंद्र सरकारी संस्थाओं का निजीकरण करने पर तुली हुई है। जिस कारण से सरकारी कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार पर दलित उत्पीड़न का भी आरोप भी लगाया। कहा कि भाजपा शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ गई हैं। दलित और पिछड़े वर्ग के हितों की रक्षा नहीं की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने नया कानून लाकर किसानों को पूंजीपतियों के समक्ष गिरवी रख दिया है। उन्होंने किसान विरोधी इस काले कानून को वापस लेने की मांग की। साथ ही धरने के माध्यम से रोजगार का मसला भी उठाया गया। कहा कि आज देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद सभी कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मांगों के संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान नफीस अहमद खान, सिराज अहमद, डीआर टम्टा, उज्जवल चौहान, रितिक राज, बाबू सिद्दीकी, हरीश लोधी, कुणाल बाल्मिीकी, हर्ष राजौर, बालकिसन राम, शंभू नाथ, अजय कुमार, गोविन्द गौतम, नदीम आदि मौजूद रहे।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440


