कुल्हाल बॉर्डर से हटी बैरिकेडिंग, वाहनों की आवाजाही बहाल, गिरफ्तार साथियों से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति बनाएगा निहंग समुदाय
समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर पिछले 24 घंटों से बने तनाव के बीच शुक्रवार को राहत भरी खबर सामने आई। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में जिला प्रशासन और निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता सकारात्मक रही, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच आम सहमति बन गई। समझौते के तहत निहंग सिखों का जत्था अगले दो दिनों तक पांवटा साहिब गुरुद्वारे में ही रुकेगा। इसके बाद कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार निहंग सिखों से मुलाकात होने के उपरांत समुदाय अपनी आगे की रणनीति तय करेगा।
वार्ता सफल होने के बाद उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर स्थित कुल्हाल बॉर्डर से बैरिकेडिंग हटा दी गई और वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई। प्रशासन ने राहत की सांस ली, वहीं सीमा क्षेत्र में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कायम रखी गई है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने पांवटा साहिब सीमा का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस बल को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। सीमा से गुजरने वाले वाहनों की जांच भी लगातार जारी रही।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर भी पांवटा साहिब गुरुद्वारे पहुंचे और निहंग प्रतिनिधियों से बातचीत की। निहंग जत्थेदार अकाली जसदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा है और भरोसा दिया है कि गिरफ्तार निहंग सिखों तथा उनके परिजनों से मुलाकात कराई जाएगी। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, गुरुवार देर रात कर्णप्रयाग और नगरासू से जुड़े विवाद को लेकर कुछ निहंग सिख पांवटा साहिब की ओर से बैरिकेडिंग पार कर उत्तराखंड सीमा में प्रवेश कर गए थे। इस दौरान कुछ स्थानों पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी और पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस पांवटा साहिब भेज दिया। एहतियात के तौर पर कुल्हाल बॉर्डर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया था, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में करीब 150 से 200 निहंग सिख पांवटा साहिब गुरुद्वारे में मौजूद हैं। सीमा पर उत्तराखंड पुलिस, हिमाचल पुलिस और आईटीबीपी के जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
गौरतलब है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हिंसक हो गया था। इस मामले में कई लोग घायल हुए थे और पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी घटनाक्रम के बाद पंजाब में निहंग समुदाय ने अपने साथियों की रिहाई की मांग करते हुए उत्तराखंड कूच का ऐलान किया था।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने स्पष्ट किया कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।



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