3 साल की मासूम से खुला बच्चों की तस्करी का काला कारोबार, 6 गिरफ्तार; दो मासूमों को पुलिस ने बचाया

खबर शेयर करें

समाचार सच, हरिद्वार डेस्क। हरिद्वार में तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण की घटना ने बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। उत्तराखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपहृत बच्ची सहित दो मासूम बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है।

पूरे मामले का खुलासा एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि 6 जून को कनखल थाना क्षेत्र के बैरागी कैंप झुग्गी बस्ती निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी तीन वर्षीय पुत्री राधिका के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई।

यह भी पढ़ें -   १० जून २०२६ बुधवार का पंचांग, जानिए राशिफल में आज का दिन आपका कैसा रहेगा

जांच के दौरान पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, डंप डाटा का विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। शुरुआती पड़ताल में स्पष्ट हो गया कि यह मामला फिरौती का नहीं बल्कि बच्चों की चोरी और तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह का है। इसके बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश देकर नेटवर्क को ट्रैक किया गया।

पुलिस की सख्ती बढ़ने पर गिरोह के सदस्य अपहृत बच्ची को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें निसंतान दंपतियों को दो से पांच लाख रुपये तक में बेचता था। इस मामले में मोहम्मद आकिल, उसकी पत्नी नसीमा, जुल्फेकार, धर्मेंद्र कुमार, प्रीति शर्मा और शिवा सिंह उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें -   परमा एकादशी हर साल नहीं आती, बल्कि 3 साल में एक बार आने वाले ‘अधिक मास’ (मलमास या पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में आती है

जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसी गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से डेढ़ वर्षीय बच्चे कार्तिक का अपहरण किया था, जिसे बाद में बदायूं में डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया। पुलिस ने कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया है।

एसएसपी के अनुसार गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते थे। कुछ आरोपी बच्चों की रेकी करते थे, कुछ अपहरण की वारदात को अंजाम देते थे, जबकि अन्य सदस्य बच्चों को अनाथ या अपना बच्चा बताकर निसंतान दंपतियों को बेचते थे। पुलिस इस संगठित अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440