समाचार सच, गैरसैंण/देहरादून। उत्तराखंड विधान सभा बजट सत्र के तीसरे दिन आपदा व महिला अत्याचार को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी विधायकों ने जहां विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में सवाल उठाए। वहीं सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने महंगाई के मुद्दे पर जवाब दिया। उन्होंने उत्तराखंड में महंगाई दर को अन्य राज्यों की भांति काफी कम बताया। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी में आहूत विधान सभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आपदा का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और सदन के सभी कार्य रोककर चर्चा करने की मांग की। इस पर पीठ ने नियम 310 को नियम 58 में सुनने का फैसला सुनाया। इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश के नेतृत्व में महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ भरारीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में धरना दिया। कहा कि आज प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार काफी बढ़ गये हैं। महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। इतना ही नहीं अपने हकों के लिए आवाज उठाने वालों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। इसके बाद सदन में कांग्रेसी विधायकों ने प्रश्नकाल में विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए। विधायक देशराज कर्णवाल ने वन विभाग व वन निगम को प्राप्त राजस्व के संबंध में पूछा। जिस पर वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने जानकारी दी कि वर्ष 2020-21 में माह जनवरी 2021 तक 321 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। विधायक विधायक मुन्ना सिंह चौहान के कोविड-19 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बने क्वारंटाइन सेंटर से उत्पन्न हुए बायो मेडिकल वेस्ट की जानकारी चाहने पर वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं प्रश्नकाल में विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने प्रदेश में संचालित आईटीआई की जानकारी मांगी। जिस पर कौशल विकास मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सरकार की ओर से जानकारी दी गई। विधायक प्रीतम सिंह के सवाल पर वन मंत्री ने कोविड-19 में उत्पन्न हुए बीओमेडिक्ल वेस्ट की जानकारी मांगी दी। इसके अलावा सदन में मसूरी विधायक गणेश जोशी ने समाज कल्याण विभाग से सम्बन्धित दो प्रश्नों को सदन में उठाया। इधर सदन में महंगाई के मुद्दे पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महंगाई दर अन्य राज्य की तुलना में कम है। कहा कि पैट्रोल एवं डीजल की कीमतें वर्तमान में भारत सरकार की नीति के अनुसार प्रतिदिन के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। बताया कि राज्य सरकार द्वारा मात्र वैट लिया जाता है। उन्होंने सदन में वर्तमान में प्रदेश के पैट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ ही राजस्थान, मुंबई, पंजाब राज्यों के दामों का भी उल्लेख किया। इसी तरह उन्होंने सरसों तेल, वनस्पति घी समेत अन्य पदार्थों के दामों पर भी जानकारी दी। संसदीय मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महंगाई कम करने हेतु आवश्यक अनुसूचित वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं मूल्य निर्धारण तथा किसानों को मूल्य समर्थन योजना का लाभ दिये जाने हेतु आवश्यक कदम उठाये गये हैं। बताया कि मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना का शुभारम्भ करते हुये माह सितम्बर, 2019 से नवम्बर, 2020 तक लगभग 23 लाख राशन कार्डधारको परिवारों को सस्ती दरों पर उचित दर विक्रेताओं के माध्यम से 2 कि.ग्रा दाल प्रति राशन कार्ड प्रतिमाह उपलब्ध करायी जा रही है। सितम्बर, 2019 से माह नवम्बर, 2020 तक लगभग 23 लाख परिवारों को 2.86 लाख कुतल विभिन्न प्रकार की दालों का वितरण सुनिश्चित किया गया है।
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