समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। चैत्र नवरात्रि 2026 में 21 मार्च को माता चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। माता के माथे पर एक अर्धचंद्र सुशोभित है, इसलिए माता को…


समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। चैत्र नवरात्रि 2026 में 21 मार्च को माता चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। माता के माथे पर एक अर्धचंद्र सुशोभित है, इसलिए माता को…

आज़ दिनांक २० मार्च २०२६ शुक्रवार का पंचांग श्रीसंवत २०८३ श्रीशाके १९४८ रौद्र नामक संवत्सर श्री सूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क ६ गते चैत्र शुक्ल पक्ष चैत्र नवरात्र द्वितीया तिथि शुक्रवार सूर्योदय ६/२२ बजे सूर्यास्त ६/२१ बजे राहु काल १०/३०…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। यह रूप तप, त्याग और संयम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सही विधि से पूजा करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। अथ विक्रम संवत २०८३ शालीवाहन शाके १९४८ रौद्र नामक संवत्सर श्री सूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क ५ गते चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि बृहस्पतिवार सूर्याेदय ६/१९ बजे सूर्यास्त ६/१६ बजे राहु काल १/३० बजे से ३…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १७ मार्च २०२६ मंगलवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क ३ गते चौत्र कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि ९/२३ बजे तक तत्पश्चात चतुर्दशी तिथि मंगलवार सूर्याेदय ६/२३ बजे सूर्यास्त…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। हिंदू धर्म में हर अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है, लेकिन चैत्र माह की अमावस्या को पितरों की शांति और आशीर्वाद से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। इस दिन तर्पण, दान और पितृ पूजन…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। आज़ दिनांक १६ मार्च २०२६ सोमवार का पंचांग श्रीसंवत २०८२ श्रीशाके १९४७ श्री सूर्य उत्तरायण बसन्त ऋतु मीनार्क २ गते चौत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि सोमवार सूर्याेदय ६/२४ बजे सूर्यास्त ६/१६ बजे राहु काल ७/३० बजे…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और विशेष पर्व है। ये पर्व हर साल चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि के दिन शुरू होता है और नौ दिनों तक चलता है। इस साल चैत्र नवरात्रि की…

समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। पानी की टंकी के वास्तु दोष को दूर करने के लिए उसे घर के दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में ऊंचे चबूतरे पर स्थापित करना सबसे शुभ है, जो स्थिरता और समृद्धि लाता है। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व)…