उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में 25 अगस्त से शुरू हो सकती है जनगणना, 131 गांव और 3 नगर पंचायतें होंगी शामिल

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पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य पूरा, अब स्नो बाउंड क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनगणना की तैयारी तेज; 200 प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मिलेगा प्रशिक्षण

समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना-2027 की तैयारियां अब दूसरे चरण में प्रवेश कर रही हैं। पहले चरण के तहत प्रदेशभर में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 24 मई 2026 को पूरा हो चुका है। अब हिमाच्छादित (स्नो बाउंड) क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनगणना की तैयारी तेज कर दी गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह अभियान 25 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच संचालित किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए भारत के महापंजीयक (व्त्ळप्) की आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी होना बाकी है।

जनगणना कार्य निदेशालय के अनुसार उत्तराखंड के चार सीमांत जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कुल 131 गांव और 3 नगर पंचायतों को स्नो बाउंड क्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अलग से व्यक्तिगत जनगणना कराई जाएगी।

इन क्षेत्रों में होगी व्यक्तिगत जनगणना
प्रदेश में स्नो बाउंड श्रेणी के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले के 69 गांव और गंगोत्री नगर पंचायत, चमोली जिले के 23 गांव और बदरीनाथ नगर पंचायत, रुद्रप्रयाग जिले के 4 गांव और केदारनाथ नगर पंचायत, जबकि पिथौरागढ़ जिले के 35 गांव शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में निर्धारित अवधि के दौरान जनगणना का कार्य किया जाएगा।

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जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होगी ट्रेनिंग
जनगणना कार्य निदेशालय ने प्रशिक्षण की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जुलाई के अंतिम सप्ताह से राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू होगा। इसके बाद संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, एडीएम, चार्ज अधिकारी, सुपरवाइजर और प्रगणकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 21 अगस्त तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 25 अगस्त से जनगणना कार्य सुचारु रूप से शुरू किया जा सके।

200 प्रगणक और सुपरवाइजर होंगे तैनात
जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि स्नो बाउंड क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनगणना के लिए लगभग 200 प्रगणक एवं सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए प्रश्नावली तैयार की जा चुकी है और हाल ही में हरिद्वार जिले में उसका प्री-टेस्ट भी किया गया है। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद प्रश्नावली सार्वजनिक की जाएगी।

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पहले चरण में सामने आए अहम आंकड़े
जनगणना के पहले चरण के दौरान 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच प्रदेश में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना पूरी की गई। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में परिवारों की संख्या 28.3 लाख से अधिक हो चुकी है। वर्ष 2011 की तुलना में करीब 8.18 लाख नए परिवार जुड़े हैं। वहीं, प्रदेश की अनुमानित आबादी 1.27 करोड़ के पार पहुंच गई है, जो वर्ष 2011 की जनगणना के मुकाबले करीब 26 लाख अधिक है। इसके अलावा राज्य में आवासीय और गैर-आवासीय भवनों की संख्या भी बढ़कर लगभग 45 लाख हो गई है।

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