तीसरी लहर से पहले बाल आयोग गंभीर, नौनिहालों के उपचार को सुविधा युक्त आइसोलेशन सेंटर तैयार करने की मांग

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समाचार सच, देहरादून। कोरोना की तीसरी लहर नौनीहालो के लिए घातक होने के दावे पर बाल आयोग भी गंभीर हो गया है आयोग ने प्रदेश के गांवो में स्थित पचायतघर, विद्यालय तथा बरातघरो को विशेष आइसोलेशन सेंटर बनाए जाने के लिए गृहमंत्री को पत्राचार किया है। कहा है की गांव में ही नौनिहालों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। कोरोना की तीसरी लहर में वैज्ञानिक नौनिहालों को भारी पड़ने के दावे पर उत्तराखंड बाल आयोग गंभीर हो गया है। बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष उषा नेगी ने बकायदा देश के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेज गांवों में ही नौनिहालों के उपचार को सुविधा युक्त आइसोलेशन सेंटर तैयार करने की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार तथा स्वास्थ्य मंत्रालय को भी पत्र भेज ठोस कदम उठाए जाने के लिए कहा है। नौनिहालों को ऑक्सीजन की कमी ना हो इसके लिए गृह मंत्री से विशेष अनुरोध किया है। मजदूरों व गरीब के बच्चों के लिए भी बाल आयोग गंभीर है इसके लिए बकायदा प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को पत्र भी भेज दिया गया है। बाल आयोग की अध्यक्ष की मानें तो उन्होंने खुद सीएम तीरथ सिंह रावत से मिल गरीबों व मजदूरों के नौनिहाल तथा नशे के आदी बच्चों के संक्रमित हो जाने पर अस्पताल में ही अलग से वार्ड बनाए जाने की मांग की है। ताकि समीपवर्ती अस्पताल में ही उन्हें बेहतर इलाज मिल सके। बाल आयोग उत्तराखंड उषा नेगी अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को वैज्ञानिकों ने बच्चों के लिए गंभीर बताया है। संक्रमण को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी है। आयोग ने देश के गृहमंत्री को पत्र भेज गांव में में विशेष सुविधा युक्त आइसोलेशन सेंटर तैयार करने को अनुरोध किया है।

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